











बीकानेर,वरिष्ठ साहित्यकार राजेन्द्र जोशी की माता स्वर्गीय भंवरी देवी जोशी के देहांत पर राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने पत्र भेज कर शोक संवेदना व्यक्त करते हुए दुख की घड़ी में साथ रहकर संवेदना व्यक्त की है। आध्यात्मिक संत पुजारी बाबा ने पुष्पाजंली अर्पित कर श्रद्धासुमन अर्पित किए।
राजस्थान सरकार के पूर्व मंत्री डाॅ.बी.डी. कल्ला और भंवर सिंह भाटी ने स्वर्गीय भंवरी देवी जोशी के छायाचित्र पर पुष्प अर्पित किए तथा दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। उन्होंने शोकाकुल परिवारजनों के प्रति गहरी संवेदनाएं व्यक्त करते हुए कहा कि भंवरी देवी जोशी का जीवन सादगी, संस्कार और पारिवारिक मूल्यों का प्रतीक रहा है।
कोटा कृषि विश्वविद्यालय की कुलपति डॉ. विमल डुकवाल ने निज निवास पर श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि भंवरी देवी जोशी जैसी मातृशक्ति समाज के लिए प्रेरणास्रोत होती हैं। उन्होंने परिवारजनों को इस अपार दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की कामना की।
ख्यातनाम चिकित्सक डाॅ.राजू व्यास, डॉ. तनवीर मलावत, ओलंपियन श्याम सुंदर स्वामी, बीजेपी नेता सुरेन्द्र सिंह शेखावत, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के ब्रह्मदत आचार्य, पूर्व पार्षद हजारी देवड़ा,
पत्रकार नवीन शर्मा, दिनेश स्वामी, विमल छंगाणी, श्याम मारु, भवानी जोशी, विक्रम जागरवाल, अतुल आचार्य, धीरज जोशी, एडवोकेट अवनीश हर्ष, गिरिराज मोहता, घनश्याम व्यास, लक्ष्मीकांत रंगा, शिक्षाविद डाॅ.ब्रज रतन जोशी, डाॅ.ओम कुबेरा, डाॅ.अशोक शर्मा , शिवशंकर चौधरी ,राकेश सारस्वत, राजेन्द्र शर्मा, गोपीकिशन व्यास, सामाजिक कार्यकर्ता पूर्ण चंद राखेचा, पापड़ भुजिया एशोसियेशन के महासचिव वेद प्रकाश अग्रवाल, डाॅ.गौरीशंकर प्रजापत, राम शर्मा
सहित सामाजिक, राजनीतिक, खेल, चिकित्सा एवं सेवा क्षेत्रों से जुड़े अनेक गणमान्य। सभी ने स्वर्गीय भंवरी देवी जोशी को श्रद्धांजलि अर्पित कर परिवारजनों को सांत्वना दी।
कल्ला एवं भाटी ने कहा कि भंवरी देवी जोशी का संपूर्ण जीवन पारिवारिक संस्कारों, सामाजिक सहभागिता और सरलता से परिपूर्ण रहा। उनका निधन न केवल जोशी परिवार, बल्कि पूरे समाज के लिए एक अपूरणीय क्षति है।
दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की तथा शोकाकुल परिवार को इस दुःख की घड़ी में संबल प्रदान करने की कामना की।
