











बीकानेर,इस धरा पर मनुष्य योनि में जन्मा कोई भी प्राणी अपने ईष्ट, कुल देवी देवता अर्थात परम् पिता परमात्मा की श्रद्धामय पूजा, भक्ति, साधना से सदाचारी बनता है, यदि ऐसा वह कर ले तो वह न केवल समृद्ध बनेगा बल्कि उसका जीवन भी सफल हो जाएगा। यह बात परमहंस परिव्राजकाचार्य अनन्त श्री विभूषित कृष्णगिरी शक्ति पीठाधीपति जगद्गुरु 1008 परम पूज्यपाद श्री वसन्त विजयानंद गिरी जी महाराज ने गंगाशहर रोड़ पर स्थित अग्रवाल भवन में तीन दिवसीय यज्ञ महोत्सव में भक्तों को सम्बोधित करते हुए कहे। उन्होंने कहा कि समय रहते भक्ति, पूजा करने वाला दरिद्र भी राजा बन सकता है। कर्म को प्रभाव से करने की बात कहते हुए पूज्यपाद वसंत विजयानंद गिरी जी महाराज ने कहा कि व्यक्ति सदैव कर्म को प्रधानता दें, कर्म हमें प्रगति की प्रधानता प्रदान करेंगे। उन्होंने कहा कि देवता श्रद्धा देखते हैं। यदि विश्वास परक वह श्रद्धा रहेगी तो जीवन धन्य हो जाएगा। साक्षात् परमात्मा की भक्ति का आह्वान करते हुए कृष्णगिरी पीठाधीश्वर ने कहा कि हर अभिभावक अपने बच्चों को सदाचारी बनाएं, जन्म के बाद कर्म करने का ज्ञान प्राप्त कर लें तो जीवन सफल हो जाएगा। वे यह भी बोले कि अज्ञानता से दु:ख आता है और भक्ति से सुख आता है। दूसरों की खुशी देखकर दु:खी न होकर अपना विनाश, पतन न करें बल्कि दूसरों की खुशी देखकर शुभकामना देवें तो निश्चित ही आगे बढ़ेंगे। दूसरों के प्रति प्रेम भाव रखें तो आपका भी कल्याण होगा। वे बोले, किसी से भी ईर्ष्या मत करो। इस दौरान बीकानेर में पहली बार अनेक गुरुभक्तों को पूज्य गुरुदेव ने जगत जननी देवी मां पद्मावती के चमत्कारी अनुभवों का भी तत्काल रोग, कष्ट निवारण सहित अनेक रूपों में साक्षात कराया। श्री पार्श्व पद्मावती शक्तिपीठ तीर्थ धाम कृष्णगिरी के ट्रस्टी, परम् गुरुभक्त डॉ संकेश जैन ने बताया कि तीन दिवसीय यज्ञ अनुष्ठान में पूज्य गुरुदेवश्रीजी की पावन निश्रा में विविध दुर्लभ बीज मंत्रों के साथ काशी के विद्वान पंडित आहूतियां दे रहे हैं। राजस्थान के कई क्षेत्रों के अलावा देश के कई प्रदेशों क्रमशः पश्चिम बंगाल, गुजरात, हिमाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश आदि से भी बड़ी संख्या मेें श्रद्धालूओं ने कार्यक्रम में भाग लिया।
