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बीकानेर,हिंदू मुस्लिम एकता के संवाहक सुप्रसिद्ध शायर हाफिज गुलाम रसूल शाद जामी की 12 वीं पुण्यतिथि पर जामी उर्दू अकादमी द्वारा मोहल्ला दमानियान,शीतला गेट मे विशाल कवि सम्मेलन एवं मुशायरा का आयोजन किया गया । कार्यक्रम खूब जमा और देर रात तक चला । करीब चार घंटे चले इस कार्यक्रम में हिंदी,उर्दू और राजस्थानी के करीब दो दर्जन रचनाकारों ने अपनी श्रेष्ठ रचनाएं सुना कर श्रोताओं को भाव विभोर कर दिया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि कवि कथाकार राजेन्द्र जोशी ने कहा कि शाद साहब ने अपने कलाम से बीकानेर का नाम रोशन किया। उन्होंने कहा कि शाद जामी महान समाज सुधारक थे और हिन्दू मुस्लिम एकता के प्रबल समर्थक थे इसीलिए उनका हर धर्म और समाज के लोगों में सम्मान था।
कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ शायर जाकिर अदीब ने की । अदीब ने शाद साहब की श्रेष्ठ साहित्यिक रचनाओं की चर्चा करते हुए अपनी ग़ज़ल प्रस्तुत की – “करते हैं जो बार बार सौदा जमीर का/ वो मर चुके हैं उनको न दो मौत की सजा” ।
कार्यक्रम में कवि- गीतकार राजेंद्र स्वर्णकार ने शाद जामी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए नज़्म पेश की-
इल्मो-अदब की शान थे ! वे महफ़िलों की जान थे
इंसां बड़े ! शाइर बड़े ! वे अपनी ख़ुद पहचान थे
वे नेकदिल ! वे पाकदिल ! इस शहर का अभिमान थे
वे थे बड़े आलिम ! बड़े फ़ाज़िल ! बड़े विद्वान थे ।
कार्यक्रम में डॉ ज़िया उल हसन कादरी ने शाद जामी की साहित्यिक और दीनी ख़िदमात पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उनकी शिक्षा दीक्षा टोंक रियासत में हुई। उन्होंने बीकानेर में शिक्षा के प्रचार प्रसार के लिए भरपूर कार्य किए। कादरी ने ग़ज़ल सुना कर दाद हासिल की- “बड़ी अंधेरी है इनकी ये जिंदगी देखो/जो बेचते हैं हमेशा बना बना के चराग
राजस्थान उर्दू अकादमी, जयपुर के पूर्व सदस्य असद अली असद ने शादजामी की स्मृति में नज़्म प्रस्तुत कर श्रद्धांजलि अर्पित की -” जहां को काम ये कर के दिखाया शादजामी ने /बहाया इल्म का दरिया बहाया शादजामी ने”
कार्यक्रम में वरिष्ठ शायर इमदादुल्लाह बासित, बुनियाद हुसैन जहीन, रवि शुक्ल,अमित गोस्वामी, मनीषा आर्य सोनी, मोनिका गौड़, डा कृष्णा आचार्य, शकूर सिसोदिया,अमर जुनूनी,लीलाधर सोनी,विप्लव व्यास,बाबूलाल छंगाणी,जुगलकिशोर पुरोहित,राजाराम स्वर्णकार,अब्दुल जब्बार जज़्बी, जहीरूद्दीन,मुहम्मद यासीन,मुईनुद्दीन जामी आदि रचनाकारों ने समां बांधा । कार्यक्रम में संस्था द्वारा रचनाकारो का सम्मान किया किया गया। संस्थाअध्यक्ष मास्टर अब्दुल सत्तार ने शाद जामी की गजल प्रस्तुत कर दाद हासिल की।
जामी उर्दू अकादमी के सचिव अलीमुद्दीन जामी ने बताया कि कार्यक्रम में मुंबई के फिल्मकार मंजूर अली चंदवानी, संगीतकार मुमताज़ गुलाम मोहम्मद, मुनीन्द्र अग्निहोत्री,कलीमुद्दीन जामी, मसीहुद्दीन जामी,मुईनुद्दीन जामी,वसीमुद्दीन जामी, नईमुद्दीन जामी, ,बरकत अली खान,समीर भियानी, इरशाद अहमद,नासिर जामी,साजिद सुलेमानी,ज़ाकिर नागौरी,कुंवर नियाज़ मुहम्मद, अंग्रेजी लेखक समी उल हसन कादरी,असलम एडवोकेट ,वसीम भयानी,अब्दुल सतार कमल,एडवोकेट शमशाद अली,हाफिज नौशाद,मास्टर लतीफ,अजमल,दिलशाद,डा मोहम्मद सैनिक,आलम,निसार,नजीबुद्दीन, समीऊद्दीन,हिसामुद्दीन,निजामुद्दीन,रियाजउद्दीन, इज़हारउद्दीन, रेहानुद्दीन,लतीफ, आराफ़ समेत सैकड़ों की तादाद में श्रोता उपस्थित थे। संचालन डॉ ज़िया उल हसन कादरी ने किया।

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