बीकानेर अपनी स्थापना से लेकर अब तक देश सेवा के लिए सर्वश्रेष्ठ अर्ध सैनिक बल के रूप में अपनी पहचान बना चुका सीमा सुरक्षा बल देश के लिए समर्पित निष्ठावान संगठन है। तोपखाना रेजीमेंट की ओर से स्वर्ण जयंती समारोह के उपलक्ष में यह साइकिल रैली बारामुला व भुज से रवाना होकर 15 अगस्त को अटारी बॉर्डर पहुंचेगी। अर्जनसर में पहुंची इस रैली के स्वागत समारोह में बोलते हुए यह बात बीएसएफ के डिप्टी कमांडेंट रोहित ने कही। रैली में केंद्र सरकार की प्रमुख योजनाओं पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने बताया कि बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ, स्वच्छ भारत, फिट इंडिया तथा कोरॉना से बचाव आज के समय की सबसे बड़ी चुनौतियों का हमे मिलकर मुकाबला करना है। सेना तथा बीएसएफ से जुड़ने का आह्वान करते हुए युवाओं को इसकी भर्ती संबंधी तौर तरीके व योग्यताओं की गहराई से जानकारी दी। मुख्य वक्ता के रूप में बोलते हुए पूर्व उप प्रधान शिवरतन शर्मा ने बताया कि देश की सीमाओं चौबीसों घंटे सुरक्षित रखने के लिए प्रतिबद्ध सीमा सुरक्षा बल विश्व का सबसे बड़ा अर्धसैनिक बल है। अपने ध्येय वाक्य “जीवन पर्यंत कर्तव्य” के अनुरूप यह सुरक्षा बल देश की साढ़े छः हजार किलोमीटर लंबी सीमाओं पर ढाई लाख जवानों के साथ 24 घंटे मुस्तैदी के साथ पहरेदारी करते हुए सर्वोत्तम सेवाएं प्रदान कर रहा है। आजादी के दो दशक बाद देश में सीमाओं की रक्षा के लिए तत्कालीन पुलिस बल की जगह विशेष सुरक्षा बल की जरूरत को देखते हुए 1965 में सीमा सुरक्षा बल की स्थापना की गई थी तथा 1971 में तोपखाना की स्थापना की गई जिसकी स्वर्ण जयंती के अवसर पर यह साइकिल रैली भुज से अटारी बॉर्डर तक जा रही है। सीमा सुरक्षा बल मादक पदार्थों की तस्करी, अवैध हथियार तथा नकली मुद्रा जैसे पड़ोसी दुश्मन देशों के नापाक इरादों पर भी मुस्तैदी से नियंत्रण करता है। शुरुआत काल में सिर्फ पुरुष जवानों वाले इस संगठन में अभी महिलाएं भी देश की सीमा चौकसी में अपनी सहभागिता निभाकर अपनी वीरता का परिचय दे रही है। रैली के यहां पहुंचने पर कालवा पंप से स्टैंड तक युवाओं ने ढोल नगाड़ों के साथ अगवानी की तथा बाद में मुख्य अड्डे पर बालिकाओं ने तिलक लगाकर तथा रक्षा सूत्र बांधकर स्वागत किया। युवाओं ने डीजे पर देशभक्ति गानों के साथ भारत माता की जय वंदे मातरम से कस्बे को गुंजायमान कर दिया। बाजार में पुष्प वर्षा के साथ साथ जवानों का माल्यार्पण कर लोगों ने अभूतपूर्व अभिनंदन किया। कार्यक्रम में सेंकड़ों ग्रामीणों के साथ पंचायत प्रतिनिधि के रूप में पवन गवारिया, हनुमान जसू, पूर्णाराम सारस्वत, जगदीश सियाग, रणवीर बूटर, विक्रमसिंह राठौड़,लक्ष्मीनारायण ओझा, चंपालाल ओझा, संजय, मुकेश भार्गव,रामकुमार लाटा, मनीराम ओझा, ओपी जोशी, लाधूराम थालोड़, शिवरतन शर्मा, भूराराम, विनोद जसू, गिरधारी शर्मा आदि प्रमुख रूप से शामिल रहे। रैली के तीन दर्जन जवानों सहित व्यवस्था में शामिल दो दर्जन अन्य साथियों का रात्रि विश्राम आज यहीं रखा गया है।