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बीकानेर। शहर के प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थान अर्हम् इंग्लिश एकेडमी सीनियर सेकेंडरी स्कूल को भारतीय शिक्षा बोर्ड ;ठैठद्ध से आधिकारिक संबद्धता प्राप्त हो गई है। इस महत्वपूर्ण उपलब्धि के संदर्भ में विद्यालय परिसर में एक प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया, जिसमें शिक्षा जगत से जुड़े गणमान्य व्यक्तियों ने भाग लिया।
जानकारी में रहे कि अर्हम इंग्लिश एकेडमी बीकानेर की ऐसी पहली स्कूल है जिसे भारतीय शिक्षा बोर्ड की सम्बद्धता मिली है। एकेडमी में अब विद्यार्थियों को आधुनिक शिक्षा के साथ विद्यार्थियों को भारतीय परंपराओं, योग, आयुर्वेद, भारतीय दर्शन, और वेदों की शिक्षा भी दी जायेगी विदेशी भाषाओं को भी पाठ्यक्रम में अनिवार्य रूप शामिल किये गये है। इसके साथ योग, प्राणायाम,देशी खेलों को प्राथमिकता से स्कूल गतिविधियों में शामिल किया गया है। इससे विद्यार्थियों को न केवल अकादमिक ज्ञान मिलेगा बल्कि वे अपने जीवन में नैतिक और आध्यात्मिक शिक्षा भी ग्रहण कर पायेगें। इससे विद्यार्थियों को भविष्य में आत्मविश्वास के साथ आत्मनिर्भरता का अहसास भी होगा। खास बात तो यह है कि भारतीय शिक्षा बोर्ड के पाठ्यक्रमों में पुस्तकों के नाम भारतीय नक्षत्रों के नाम से, कक्षा कक्षों के नाम भारतीय ऋषियों, स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों , श्रेष्ठ विद्वानों के नाम से रखे जायेगें। भारतीय शिक्षा बोर्ड का पाठ्यक्रम इस प्रकार तैयार किया गया है कि यह विद्यार्थियों को आईएएस, आईपीएस, बैंकिंग, रेलवे, और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में मदद करता है। इसमें सामान्य ज्ञान, करंट अफेयर्स, तर्कशक्ति, और गणित जैसे विषयों पर विशेष ध्यान दिया जाता है। इसके साथ ही, भारतीय इतिहास, संविधान, और सामाजिक संरचना के अध्ययन से छात्र एक मजबूत बौद्धिक आधार बना सकते हैं। इससे उन्हें न केवल प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता मिलती है, बल्कि वे अपने करियर में भी आगे बढ़ सकते हैं।

बीकानेर का पहला स्कूल जहां विद्यार्थी ग्रहण करेगें योग, आयुर्वेद, भारतीय दर्शन और वेदों की शिक्षा:

कार्यक्रम के मुख्य वक्ता अर्हम् इंग्लिष एकेडमी के चेयरपर्सन श्री सुनील रामावत ने बताया कि भारतीय शिक्षा बोर्ड भारत सरकार द्वारा स्थापित एक केंद्रीय स्तर का शिक्षा बोर्ड है, जिसका उद्देश्य देश में शिक्षा को भारतीय संस्कृति, परंपरा और नैतिक मूल्यों के अनुरूप विकसित करना है। यह बोर्ड विद्यार्थियों को आधुनिक शिक्षा के साथ-साथ भारतीय ज्ञान परंपरा से जोड़ने का कार्य कर रहा है।
रामावत ने कहा कि वर्तमान समय में शिक्षा का उद्देश्य केवल परीक्षा उत्तीर्ण करना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास एवं रोजगाार मूलक षिक्षा देने को सुनिश्चित करना होना चाहिए। भारतीय शिक्षा बोर्ड इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए एक संतुलित और संस्कारयुक्त शिक्षा प्रणाली प्रदान कर रहा है।
नई शिक्षा नीति के अनुरूप इसमें कौशल आधारित शिक्षा पर भी ध्यान दिया गया है। इससे विद्यार्थियों में आत्मविश्वास और रचनात्मकता का विकास होता है। भारतीय शिक्षा बोर्ड शिक्षा को भारतीय दृष्टिकोण से मजबूत करने की दिशा में कार्य कर रहा है।

मेरा सपना हुआ साकार- डागा

विद्यालय के संस्थापक सचिव श्री सुरेन्द्र कुमार डागा ने जानकारी देते हुए बताया कि अर्हम इंग्लिश एकेडमी बीकानेर का पहला ऐसा आधुनिक गुरुकुल बनने जा रहा है, जिसे भारतीय शिक्षा बोर्ड से संबद्धता प्राप्त हुई है। यह संस्था आधुनिक शिक्षा के साथ-साथ भारतीय परंपराओं और सांस्कृतिक मूल्यों को भी समान महत्व देगी।
एकेडमी के संस्थापक सचिव सुरेन्द्र डागा ने खुशी जाहिर करते हुए बताया कि उनका सपना था कि उनके स्कूल के विद्यार्थियों को भारत दर्शन और सनातन संस्कारों की शिक्षा मिले, शिक्षकों में विद्यार्थियों को श्रेष्ठ से श्रेष्ठतर शिक्षा देने का जुनून हो व अविभावकों को अपने नौनिहालों को भविष्य का श्रेष्ठ नागरिक और माता-पिता व गुरुजनों का सम्मान करने वाला विद्यार्थी मिले। अर्हम इंग्लिष एकेडमी को भारतीय शिक्षा बोर्ड की सम्बंद्धता मिलने से मेरा सपना अब साकार होगा। जिस प्रकार बोर्ड ने अर्हम इंग्लिष एकेडमी प्रबंधन पर भरोसा जताया है, वह भी बोर्ड की गाइडलाइंस को पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ बोर्ड के नियमों पर सही साबित करेंगे। उन्होनें कहा कि भारतीय शिक्षा बोर्ड की शिक्षा प्रणाली विद्यार्थियों को सत्य, अहिंसा, करुणा, सहनशीलता, और समाज सेवा जैसे मूल्यों की शिक्षा दी जाती है, जिससे उनमें परिवार, समाज और राष्ट्र के प्रति , अपने कर्तव्यों के प्रति समपर्ण की चेतना जागृत हो सके

ये है भारतीय शिक्षा बोर्ड की विशेषता
भारतीय शिक्षा बोर्ड ‘बीएसबी’ का सबसे बडी खाासियत है कि बोर्ड की शिक्षा प्रणाली विद्यार्थियों को आधुनिक शिक्षा के साथ-साथ भारतीय परंपराओं और मूल्यों से भी जोड़ती है। शिक्षा बोर्ड जहां विज्ञान, गणित, सामाजिक विज्ञान और भाषा जैसे विषयों पर ध्यान केंद्रित करते हैं, लेकिन बीएसपी की शिक्षा प्रणाली में गुरूकुल की परंपरा का समावेश किया गया है। बीएसबी सम्बद्धता प्राप्त स्कूलों में विद्यार्थियों को योग, आयुर्वेद, भारतीय दर्शन, और वेदों की शिक्षा भी दी जाती है। इससे छात्रों को न केवल अकादमिक ज्ञान प्राप्त होता है बल्कि वे अपने जीवन में नैतिक और आध्यात्मिक मूल्य भी सीखते हैं। यह शिक्षा प्रणाली विद्यार्थियों को एक संतुलित दृष्टिकोण प्रदान करती है, जिससे वे दुनिया में अपने विचारों और कार्यों से एक सकारात्मक प्रभाव डाल सकते हैं।

उन्होंने कहा कि विद्यालय में विद्यार्थियों को अनुशासन, संस्कार, नैतिक शिक्षा और आधुनिक ज्ञान का समन्वय प्रदान किया जाएगा, जिससे वे जीवन के हर क्षेत्र में सफलता प्राप्त कर सकें।

उन्होंने आगे बताया कि विद्यालय में अब विज्ञान, वाणिज्य एवं कला तीनों संकायों में अध्ययन की सुविधा उपलब्ध होगी। विद्यार्थियों को उच्च गुणवत्ता की शिक्षा प्रदान करने के लिए नवीनतम शिक्षण पद्धतियों को भी अपनाया जाएगा।

भारतीय शिक्षा बोर्ड के पाठ्यक्रम को भारतीय संस्कृति और ज्ञान परंपरा को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है। इसके अंतर्गत पाठ्यपुस्तकों का निर्माण भारतीय खगोल और परंपरा में वर्णित 27 नक्षत्रों के नामों के आधार पर किया गया है, जो विद्यार्थियों को भारतीय ज्ञान परंपरा से जोड़ने का एक अभिनव प्रयास है।

प्रेस वार्ता के दौरान शिक्षा व्यवस्था में भारतीय दृष्टिकोण को बढ़ावा देने, विद्यार्थियों में राष्ट्रप्रेम और नैतिक मूल्यों का विकास करने तथा समाज को एक सशक्त और संस्कारित पीढ़ी देने की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया।

कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों ने अर्हम् इंग्लिश एकेडमी की इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि भारतीय शिक्षा बोर्ड से संबद्धता मिलने से बीकानेर क्षेत्र के विद्यार्थियों को भारतीय संस्कृति आधारित आधुनिक शिक्षा प्राप्त करने का एक नया अवसर मिलेगा।
अर्हम इंग्लिश एकेडमी सीनियर सेकेंडरी स्कूल बीकानेर शिक्षा के क्षेत्र में निरंतर उत्कृष्टता और नवाचार के लिए प्रयासरत है तथा भविष्य में भी विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य के निर्माण के लिए प्रतिबद्ध रहेगा।
आपने कहा कि इससे विद्यार्थियों को अपनी संस्कृति और परंपराओं को समझने का अवसर मिलेगा। आज के समय में ऐसी शिक्षा की आवश्यकता है जो ज्ञान के साथ-साथ चरित्र निर्माण भी करे। इसी उद्देश्य को पूरा करने की दिशा में अर्हम् इंग्लिष एकेडमी सी. सै. स्कूल आगे बढ़ रहा है। हम सभी को ऐसी शिक्षा प्रणाली का समर्थन करना चाहिए।

अंत में विद्यालय परिवार ने आशा व्यक्त की कि इस नई पहल से शिक्षा के क्षेत्र में एक सकारात्मक परिवर्तन आएगा तथा विद्यार्थियों को एक सशक्त, संस्कारित और जागरूक नागरिक बनने की प्रेरणा मिलेगी। भारतीय शिक्षा बोर्ड हमारे देश की शिक्षा व्यवस्था में एक महत्वपूर्ण पहल है। भारतीय शिक्षा बोर्ड विद्यार्थियों को केवल पुस्तक ज्ञान ही नहीं, बल्कि जीवन उपयोगी शिक्षा भी प्रदान करने पर जोर देता है।
इस बोर्ड के माध्यम से शिक्षा को अधिक व्यावहारिक और उपयोगी बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
अर्हम इंग्लिश एकेडमी सीनियर सैकेण्डरी स्कूल भीनासर को भारतीय शिक्षा बार्ड की सम्बंद्धता मिलने से स्कूल प्रबंधन से लेकर अभिभावकों, शिक्षकों, विद्यार्थियों और सनातन जगत में प्रसन्नता का माहौल है।

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