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बीकानेर,नोखा गहन शोक की घड़ी में भी मानव सेवा का एक अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत करते हुए नोखा निवासी स्वर्गीय श्री मनोज कुमार उपाध्याय (पुत्र श्री भंवर लाल उपाध्याय) के परिजनों ने सड़क दुर्घटना में उनके निधन के पश्चात उनके नेत्रों का दान किया। इस पुनीत कार्य से दो अंधकारग्रस्त व्यक्तियों की आँखों में नई रोशनी लौटने का मार्ग प्रशस्त हुआ है।
यह नेत्रदान नोखा के डॉ. सीताराम पंचारिया की प्रेरणा और मार्गदर्शन में बीकानेर के प्रसिद्ध पीबीएम अस्पताल में पूर्ण विधि-विधान के साथ संपन्न हुआ। डॉ. पंचारिया ने परिवार को नेत्रदान के महत्व से अवगत कराते हुए पूरी प्रक्रिया को सुचारु रूप से संपन्न करवाया।
इस महान कार्य में श्री पप्पूराम ज्यानी और सनशाइन हॉस्पिटल (बीकानेर)ने विशेष सक्रिय भूमिका निभाई और सहयोग प्रदान कर इस सेवा कार्य को सफल बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
नोखा विप्र समाज एवं गुजरगौड़ समाज ने इस पहल को अत्यंत सराहनीय एवं विशेष बताते हुए कहा कि ऐसे कार्य समाज में नेत्रदान के प्रति जागरूकता बढ़ाते हैं तथा सेवा-भावना को और सशक्त बनाते हैं और समाज को प्रेरित करते हैं।
परिजनों द्वारा इस कठिनतम समय में लिया गया यह निर्णय न केवल परिवार की उदारता का प्रतीक है, बल्कि पूरे समाज के लिए प्रेरणास्रोत बनेगा। यह आने वाली पीढ़ियों को भी मानव सेवा एवं नेत्रदान के पुनीत कार्य के लिए प्रेरित करेगा।
स्वर्गीय मनोज कुमार उपाध्याय की आत्मा को शांति प्राप्त हो। उनके इस अमरदान से प्राप्त होने वाली रोशनी सदैव उनकी स्मृति में जगमगाती रहेगी।
नेत्रदान — एक छोटा सा निर्णय, दो जीवन में अनंत उजाला।
इस सेवा के अवसर पर समाज के गणमान्य व्यक्ति डॉ सीताराम पंचारिया ने नेत्रदान के महत्व की बात को समझाते हुए परिवार का हौसला बढ़ाया -: समस्त उपाध्याय परिवार राणासर वाले (हाल नोखा मंडी)

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