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बीकानेर,जयपुर, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री सुमित गोदारा ने गुरुवार को विधानसभा में कहा कि जालोर जिले में कुल 92 उचित मूल्य की दुकानें हैं। इनमें से 23 नवसृजित हैं। इन दुकानों का आवंटन निर्धारित नियमों के अनुसार ही किया गया है। उन्होंने कहा कि दुकानों के आवंटन के सम्बन्ध में किसी भी प्रकार की आपत्ति दर्ज होने पर जिला स्तर से प्राप्त प्रस्तावों की जांच कराई जाएगी।

खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री प्रश्नकाल के दौरान विधायक  छगन सिंह राजपुरोहित द्वारा इस संबंध में पूछे गए पूरक प्रश्नों का जवाब दे रही थे। उन्होंने कहा कि आहोर विधानसभा क्षेत्र में कुल 12 उचित मूल्य की दुकानें स्वीकृत हैं। इनमें से एक दुकान पर न्यायालय का स्थगन (स्टे) आदेश लागू है तथा एक के लिए योग्य आवेदन प्राप्त नहीं हुआ है। शेष 10 दुकानों के लिए विज्ञप्ति जारी कर दी गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि दिव्यांग श्रेणी को 3, ग्राम सेवा सहकारी समिति को 2 तथा महिला स्वयं सहायता समूह को एक दुकान का आवंटन नियमानुसार किया गया है।

इससे पहले सदस्य के मूल प्रश्न के लिखित जवाब में खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री ने प्रदेश में उचित मूल्‍य दुकानों के आंवटन के लिए 17 मार्च, 2016, 25 नवंबर, 2020 एवं 23 जून, 2022 को जारी विभागीय निर्देशों का विवरण सदन के पटल पर रखा।

उन्होंने बताया कि 24 सितम्बर, 2024 के विभागीय आदेश द्वारा सम्भागवार उचित मूल्य दुकान आवंटन हेतु तहसील स्तरीय आवंटन सलाहकार समिति के लिए गैर सरकारी सदस्यों के मनोनयन हेतु आदेश जारी किये गये थे।

उचित मूल्य दुकान आवंटन के लिए 17 मार्च, 2016 को जारी विभागीय दिशा-निर्देश के बिन्दु संख्या-03 के अनुसार राज्‍य सरकार द्वारा मनोनीत गैर सरकारी सदस्य तहसील स्‍तरीय आंवटन सलाहकार समिति के सदस्‍य होते है। 25 नवंबर, 2020 के विभागीय दिशा-निर्देश के बिन्दु संख्या-05 के अनुसार आंवटन सलाहकार समिति प्राप्‍त आवेदनों पर विचार कर अपनी अभिशंषा जिला कलक्‍टर को प्रस्‍तुत करती है।
उन्होंने जानकारी दी कि जालौर जिलें मे उचित मूल्य दुकानों के आवंटन हेतु 17 मार्च, 2016, 25 नवंबर, 2020 एवं 23 जून, 2022 के विभागीय दिशा-निर्देश के अन्‍तर्गत अंकित प्रक्रिया अपनाई गई है। जिले में उचित मूल्य दुकानों के आवंटन हेतु 208 आवेदन प्राप्त हुए थे। उन्होंने बताया कि उचित मूल्य दुकानों के आवंटन हेतु जारी इन दिशा-निर्देशों के अनुसार चयन प्रक्रिया एवं प्राथमिकता के प्रथम वरियता (संस्‍थागत) के अन्‍तर्गत आवेदन प्राप्‍त होने पर चयन किया जायेगा तथा प्रथम वरियता में आवेदन प्राप्‍त नही होने पर द्वितीय वरियता व्‍यक्तिगत में प्राथमिकता के क्रमानुसार आवेदनकर्ता का चयन किया जायेगा। प्राथमिकता में निर्धारित श्रेणी में एक से अधिक आवेदन प्राप्‍त होने पर आवंटन सलाहकार समिति के सदस्यों द्वारा किसी पात्र व्यक्ति अथवा संस्था का चयन बहुमत के आधार पर किया जायेगा, जिसमें जिला कलक्टर का निर्णय अन्तिम होगा।

उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार के विवाद की स्थिति में जिला कलक्टर द्वारा राज्य सरकार को प्रकरण अग्रेषित किया जायेगा। ऐसे प्रकरणों में राज्य सरकार का निर्णय अन्तिम होगा ।

गोदारा ने बताया कि जालौर जिले में उचित मूल्‍य दुकानों के आंवटन के लिए 17 मार्च, 2016 को जारी विभागीय दिशा-निर्देश के अन्‍तर्गत अंकित प्रक्रिया अनुसार आंवटन सलाहकार समिति द्वारा आवेदकों के प्रार्थना पत्रों पर साक्षात्‍कार द्वारा नियमानुसार विचार कर अपनी अभिशंषा जिला कलक्‍टर को प्रस्‍तुत की।

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