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बीकानेर,मोदी सरकार ने इस बजट के माध्यम से एक बार फिर सिद्ध किया है कि सुशासन, नवाचार और समावेशी विकास ही देश की प्रगति का मूल मंत्र है। यह बजट आत्मविश्वास, आशा और तेज़ प्रगति का प्रतीक है। बजट में मध्यमवर्गीय परिवार के साथ ही हर वर्ग का ध्यान रखा गया है वर्ष 2047 में विकसित भारत के आधारभूत ढांचे की परिकल्पना इस बजट में की गई है किसान, मजदूर, महिला और युवा इन चारों वर्गों का बजट में पूर्ण रूप से ध्यान रखा गया है। अकेले कृषि विभाग को 1,40528.78 करोड़ रुपये दिए गए हैं, जिसमें कृषि शिक्षा एवं अनुसंधान पर 9,967 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इससे फसलों की नई किस्में, बेहतर तकनीक और जलवायु के अनुकूल खेती को बढ़ावा मिल सकेगा। खेती की गुणवत्ता एवं उत्पादकता बढ़ाने, जोखिम घटाने और आय के नए स्त्रोत तैयार करने पर विशेष फोकस किया गया है। सरकार ने कैंसर के इलाज में इस्तेमाल होने वाली 17 दवाओं पर बेसिक कस्टम ड्यूटी हटा दी है। इसके अलावा, 7 दुर्लभ बीमारियों के इलाज के लिए बाहर से मंगवाई जाने वाली दवाओं और स्पेशल फूड पर भी अब कोई टैक्स नहीं लगेगा। इससे उन परिवारों को बड़ी आर्थिक मदद मिलेगी जो इलाज के लिए महंगी विदेशी दवाओं पर निर्भर हैं। एनर्जी ट्रांजैक्शन को देखते हुए सरकार ने लिथियम-आयन बैटरी बनाने वाली मशीनों पर मिलने वाली टैक्स छूट का दायरा बढ़ा दिया है। कुल मिलाकर हर वर्ग के लिए यह बजट संतुलित और लाभदायी साबित होगा।

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