Trending Now

बीकानेर,बीकानेर दाल मिल्स एसोसिएशन अध्यक्ष जयकिशन अग्रवाल, बीकानेर जिला उद्योग संघ अध्यक्ष द्वारकाप्रसाद पचीसिया ने राजस्थान के कृषि आधारित उद्योगों को मंडी शुल्क एवं कृषक कल्याण शुल्क से निजात दिलवाने के लिए राज्य सरकार से अनुशंसा करने हेतु केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान को ज्ञापन सौपा । ज्ञापन में बताया गया कि राज्य में कृषि आधारित औद्योगिक इकाइयों के राज्य के बाहर से आयातित कच्चे माल पर राजस्थान विधान मंडल अधिनियम की अधिसूचना ग्रुप 2nd दिनांक 19 जुलाई 2024 के नोटिफिकेशन के तहत कृषि मंडी शुल्क 1.60 पैसा तथा कृषक कल्याण शुल्क 0.50 पैसा की देयता बन गई है जिसके कारण राज्य की सभी कृषि आधारित इकाइयों के संचालन में कठिनाई आ रही है | जिस कृषि उपज का राज्य में उत्पादन नहीं हो रहा है अथवा ऐसी कृषि उपज जिसे यहाँ की इकाइयां अन्य राज्यों से अथवा देश के बाहर से आयात कर अपने उत्पादन की निरंतरता बनाए रखती है साथ ही इकाइयों द्वारा ऐसी उपज का मंडी शूल्क जिस राज्य से आयात करती है वहां पर चुका दिया जाता है। ऐसे में पुन: अपने गृह राज्य में मंडी श़ल्क एवं कृषक कल्याण शुल्क चुकाने पर लागत बढ़ जाती हे और जिससे यहाँ की इकाइयां दूसरे राज्यों की प्रतिस्पर्द्धा में टिक नहीं पाती हैे जिससे राजस्थान की अनेक इकाइयां पडोसी राज्यों में पलायन कर रही है। जिस पर केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि जल्द ही मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से इस समस्या समाधान हेतु वार्ता की जाएगी । साथ ही बताया गया कि वर्तमान में केंद्र व राज्य सरकार द्वारा जीएसटी प्रभावी होने के पश्चात भामाशाहों द्वारा जो जनहित में सेवा कार्य किये जा रहे हैं इस हेतु किये जाने वाले निर्माण करवाकर, उपकरणों, व संयंत्र लगाकर सरकारों को हस्तांतरण कर दिया जाता है, उस पर वर्तमान में जीएसटी व अन्य कर लगाए जाते हैं जो कि सर्वदा अनुचित है | जहां एक और भामाशाह अपनी जन्मभूमि एवं अपनी कर्मभूमि के विकास एवं समाज के हित के लिए अपने खून पसीने से कमाई हुई पूँजी को खर्च कर अपने सामाजिक कर्तव्यों का निर्वहन करना चाहते हैं वहीं दूसरी और सरकारें भामाशाहों के द्वारा करवाए गये जनहित के कार्यों पर जीएसटी जैसे करारोपण कर दान की भावना को आहत पहुंचाते हैं | इस हेतु केंद्र सरकार से अनुशंसा की जाए कि ऐसे सामाजिक कार्यों पर लगने वाले जीएसटी को माफ किया जाए ताकि छूट किया गया टेक्स वापस जनहित में खर्च किया जा सके । इस अवसर पर अशोक धारणिया, राजकुमार पचीसिया, वीरेंद्र किराड़ू आदि उपस्थित हुए ।

Author