सीकर जिले के बढ़ाढर गांव में 12 साल के नाबालिग के साथ कुकर्म और हत्या मामले में पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस ने बताया कि शराब के नशे में आरोपी बिस्किट दिलाने का बहाना बनाकर नाबालिग को सूनी हवेली में ले गया था। यहां उसके साथ कुकर्म किया। फिर इसके बाद पहचान उजागर होने के डर से पत्थर से उसकी हत्या कर दी। इसके बाद बच्चे के शव के सिर और सीने पर पत्थर रख भाग गया था। मामले में आरोपी विक्रम सिंह को गिरफ्तार किया गया है, जो ​​​​​​चूरू का रहने वाला है। इसका परिवार 12 साल पहले बढ़ाढर में आकर बस गया था।

 

एसपी कुंवर राष्ट्रदीप ने बताया कि आरोपी विक्रम सिंह सूरत जाने के लिए अपने ठेकेदार मोटाराम कुमावत से पांच सौ रुपए मांग रहा था। गांव से फरार होने के जानकारी मिलते ही पुलिस ने उसको बस स्टैंड पर ही दबोच लिया। पूछताछ में आरोपी ने वारदात करना कबूल कर लिया।

 

पत्थर मुंह पर मारकर की हत्या

मृतक बच्चे का परिवार नागौर से यहां आकर अपना पेट पाल रहा था। 12 साल का नाबालिग गांव में ही घूमता रहता था। 21 जुलाई को भी वह सावंलोदा शराब के ठेके के पास लोगों से रुपए मांग रहा था। वहीं पर आरोपी विक्रम सिंह की नजर उस पर पड़ी। बिस्किट दिलाने के बहाने से विक्रम नाबालिग को लेकर पुरानी हवेली में चला गया। वहां उसके साथ कुकर्म किया। बाद में खुद की पहचान बच्चे के उजागर कर देने का डर लगा तो बड़ा सा पत्थर उसके मुंह पर पटककर उसकी हत्या कर दी।

 

25 जुलाई को मिला था शव

एएसपी देवेंद्र कुमार ने बताया कि परिजनों ने एक दिन तो पहले बच्चे को अपने स्तर पर तलाश किया, इसके बाद सदर थाने में आकर लापता होने की रिपोर्ट लिखवाई। 25 जुलाई को बच्चे का शव गांव के ही नेमीचंद ने देखा तो पुलिस को सूचना दी। इसके बाद पुलिस ने परिजन को बुलाकर शिनाख्त करवाई। सीओ वीरेंद्र शर्मा ने बताया कि शव मिलने के बाद कपड़े खुले होने पर कुकर्म का संदेह हुआ। इसके बाद आस-पास शराब की खाली बोतल मिलने सीढ़ियों में खून से सने कपड़े मिलने पर उनको जब्त किया।

 

शराब पीने वालों से की पूछताछ

सदर थानाधिकारी सुनील कुमार जांगिड़ ने बताया​ कि आखिरी बार शराब ठेके पास देखने जाने की वजह से आस-पास के शराब पीने वालों से पूछताछ की। उनके घरों में जाकर उनके कपड़ों की जांच की। उस दौरान ठेकेदार मोटाराम कुमावत से पूछताछ में पता चला कि रात को विक्रम का फोन आया था। उसके अहमदाबाद का टिकट कराने के लिए कह रहा था। मना करने पर उसने किराए के 500 रुपए मांगे। पुलिस को इस पर संदेह हुआ।

 

पांच भाई बहनों में सबसे बड़ा था मृतक

जिस जगह शव मिला उसके करीब 300 मीटर की दूरी पर ही शराब का ठेका है। मृतक अपने पांच भाई बहनों में से सबसे बड़ा था। परिवार नागौर के बांसा गांव का था। पिछले साल की तरह इस साल भी मजदूरी करने आया हुआ है। पुलिस आरोपी पर पोक्सो, अपहरण, हत्या समेत अन्य धाराओं में केस दर्ज कर लिया है।