












बीकानेर,जयपुर, राजस्थान गवर्नमेंट हेल्थ स्कीम (RGHS) में गड़बड़ी करके ज्यादा मुनाफा कमाने और सरकार को रेवेन्यू लॉस लगाने वालों पर एक्शन हुआ है। मेडिकल हेल्थ डिपार्टमेंट ने पिछले 3 माह में प्रदेश के अलग-अलग जिलों में संचालित 34 हॉस्पिटलों और 431 फार्मा स्टोर को योजना से सस्पेंड कर दिया है। साथ ही 28 सरकारी कर्मचारियों को योजना के दुरुपयोग के मामलों में सस्पेंड किया है।
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर ने बताया- RGHS योजना में हॉस्पिटल, फार्मा स्टोर और कई सरकारी कार्मिकों की ओर से गड़बड़ी किए जाने की शिकायतें मिली थीं। इसे देखते हुए विशेष ऑडिट और जांच करवाई। जांच में प्रथमदृष्टया दोषी पाए गए हॉस्पिटलों, फार्मा स्टोर और कार्मिकों पर सख्त कार्रवाई की गई। हॉस्पिटलों से अब तक लगभग 36 करोड़ रुपए और फॉर्मा स्टोर्स से 4.64 करोड़ रुपए पैनल्टी वसूल की गई है।
एक ही सर्जरी का उठाया दोहरा क्लेम
मेडिकल हेल्थ डिपार्टमेंट की प्रिंसिपल सेक्रेटरी गायत्री राठौड़ ने बताया- 34 हॉस्पिटलों को निलंबित किया गया। इन हॉस्पिटल्स में एक ही सर्जरी का दोहरा क्लेम उठाना, अनावश्यक जांचें करना, निम्न दरों में उपलब्ध जांचों को उच्च दर के पैकेज में क्लेम करने जैसी अनियमितताएं पाई गईं। ऐसे में इन हॉस्पिटलों से अब तक लगभग 36 करोड़ रुपए की पैनल्टी वसूल की है।
फार्मा स्टोर्स ने दवाओं के गलत बिल लगाए
इसके अलावा योजना के तहत दवा उपलब्ध न कराने, बिल जारी न करने अथवा अनियमित बिल प्रस्तुत करने वाले फार्मासिस्ट, लाभार्थी और डॉक्टर की साठ-गांठ से योजना का दुरुपयोग करने वाले 431 फार्मा स्टोर को योजना से निलंबित किया है। इस प्रकार के मामलों में संलिप्त फार्मा स्टोर्स से 4.64 करोड़ रुपए की पैनल्टी वसूली गई है।
