













बीकानेर,जीवन में कौशल प्राप्त कर के उससे सफलता प्राप्त करना किसी भी प्रशिक्षण की सफलता होती है।राजीविका के जिला परियोजना प्रबंधक दिनेश मिश्रा ने स्टार्क फाउंडेशन बीकानेर द्वारा उदासर में संचालित निःशुल्क कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रमों समापन अवसर पर बुधवार को अंबेडकर भवन में आयोजित समारोह में ये विचार व्यक्त किए।उन्होंने कहा कि व्यक्तित्व निर्माण कौशल पर पूरी तरह से आधारित है।कार्यक्रम में बीकानेर के लीड बैंक प्रबंधक लक्ष्मण राम मोड़सिया ने कहा कि कम्पूटर,सिलाई,कढ़ाई बुनाई सहित अन्य ट्रेड में काबिल प्रशिक्षण प्राप्त कर जीवन को सफल बनाना उपयोगी है।आर सेटी के प्रबंधक रूपेश शर्मा ने इस अवसर पर कहा कि जरूरतमंद लोगों को हुनरमंद बना कर उनको रोजगार के लिए तैयार करने के क्षेत्र में स्टार्क फाउंडेशन द्वारा किए जा रहे कार्य निसंदेह प्रशंसनीय है। वरिष्ठ पत्रकार महेंद्र सिंह शेखावत ने विषय परावर्तन करते हुए स्टार्क फाउंडेशन शुरू करने वाले प्रवासी प्रद्युम्न सिंह तथा उनके सहयोगियों की इस पहल को सार्थक बताया। कार्यक्रम में प्रशिक्षण पूर्ण कर चुके 55 विद्यार्थियों को प्रमाण पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।
फाउंडेशन के प्रबंधक गौतम पांडे ने बताया कि संस्था द्वारा समाज के वंचित वर्ग को रोजगारोन्मुखी कौशल प्रशिक्षण प्रदान करने के उद्देश्य से कंप्यूटर, सिलाई, कढ़ाई, एंब्रॉयडरी एवं बुनाई जैसे विभिन्न निःशुल्क पाठ्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि स्थापना से अब तक 480 से अधिक लाभार्थियों को निःशुल्क प्रशिक्षित किया जा चुका है।
फाउंडेशन की प्रशिक्षिका मीनू मोदी ने जानकारी देते हुए बताया कि उदासर में संचालित कंप्यूटर एवं सिलाई पाठ्यक्रम एक माह की अवधि में सफलतापूर्वक पूर्ण हुए। यह प्रशिक्षण प्रशिक्षिका राधिका मीणा एवं मीनू मोदी के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ।
कार्यक्रम का संचालन एवं आभार ज्ञापन इशु सोलंकी ने किया। इस अवसर पर आशिमा राठौड़ सहित फाउंडेशन के सदस्य, अभिभावक एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।
