












बीकानेर, नोखा तथा पांचू की ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ ब्लॉक टास्क फोर्स की तृतीय बैठक तथा एकल बेटी सम्मान समारोह का आयोजन मंगलवार को नोखा में किया गया।
उपखंड अधिकारी गोपाल जांगिड़ ने गत तीन माह के कार्यक्रमों की समीक्षा करते हुए आगामी तीन माह के लिए आवश्यक निर्देश दिए। समारोह में एकल बेटी के माता-पिता सुशीला देवी तथा जेठमल कांकरिया को सम्मानित किया गया और इनकी पुत्री हर्षिता को बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान की प्रचार प्रसार सामग्री के साथ शॉल व साड़ी देकर सम्मानित किया गया। पर्यवेक्षक जया गाडगिल ने लाडो प्रोत्साहन योजना की जानकारी दी और बताया कि बेटे की चाह में बेटियों के लगातार जन्म से माता के स्वास्थ्य पर विपरीत असर होता है अतः हमारे यदि एक या दो बेटी है, तो वो भी सौ के बराबर है।
कार्यक्रम का संचालन करते हुए महिला अधिकारिता की पर्यवेक्षक रश्मि कल्ला ने आज के आर्थिक युग में बच्चों की सीमित संख्या के महत्व को बताते हुए कहा जनसंख्या वृद्धि के हजारों दुष्परिणामों में सबसे बड़ा दुष्परिणाम है बच्चों को शिक्षा नहीं दे पाना है। हमें बेटी या बेटे को पूर्ण शिक्षा देनी है तो अपने आर्थिक संसाधनों को ध्यान में रखते हुए एक या दो बच्चों को ही संसार मे लाना चाहिए।
इस अवसर पर ब्लॉक चिकित्सा तथा शिक्षा अधिकारी शिव नारायण भादू तथा प्रेमदान, राम रतन बिश्नोई तथा विकास अधिकारी जसवंत सिंह, सुपरवाइजर आरती, चंदना, कार्यकर्ता संगीता सहित विभिन्न ब्लॉक स्तरीय अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित थे।
