












बीकानेर,राजस्थान पशु चिकित्सा और पशु विज्ञान विश्वविद्यालय, बीकानेर के पशु जैव विविधता संरक्षण केंद्र द्वारा खाजूवाला के करणीसर भाटियान में गुरुवार देशी नस्लों के संरक्षण को बढ़ावा देने हेतु जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। खाजूवाला के पशुपालकों को देशी गायों के संरक्षण हेतु जागरूक किया गया। केंद्र की प्रभारी अधिकारी डॉ. रजनी अरोड़ा ने बताया कि केन्द्र के डॉ. नरसी राम गुर्जर ने पशुपालकों को पशुपालन की वैज्ञानिक विधियों की जानकारी दी। देशी गौवंश न केवल सांस्कृतिक रूप से महत्वपूर्ण है, बल्कि आर्थिक रूप से भी अधिक लाभप्रद है। उन्होंने बताया कि पशुपालकों को पारंपरिक विधियों के साथ-साथ संरक्षण के वैज्ञानिक उपायों को अपनाना अनिवार्य है। पशुओं के बेहतर स्वास्थ्य और दुग्ध उत्पादन क्षमता को बढ़ाने के लिए पशु पोषण के महत्व की जानकारी प्रदान की गई। इस अवसर पर पशुओं को बीमारियों से बचाने और खनिज तत्वों की कमी दूर करने के लिए मिनरल मिक्सचर के पैकेट पशुपालकों को निःशुल्क वितरित किए गए। इस जागरूकता शिविर में क्षेत्र के कुल 34 महिला एवं पुरुष पशुपालकों ने भाग लिया। इस कार्यक्रम में गांव के भवानी शंकर, चैन सिंह, मनीराम कालू राम, करणी सिंह, उदय पंवार, लक्ष्मी देवी, पोकर राम आदि का भी सहयोग रहा।
