










बीकानेर,राजस्थान सेवानिवृत पुलिस कल्याण संस्थान के प्रदेशाध्यक्ष रिछपाल सिह पूनिया के बीकानेर आवगमन पर बीकानेर के पूर्व पुलिस अधिकारियों द्वारा अभूतपूर्व स्वागत किया गया। यह कार्यक्रम मात्रा एक औपचारिक मुलाकात नही बल्कि 50 साल पुरानी यादों और खाकी के प्रति अटूट निष्ठा, वीरता और 50 वर्षो के गौरवशाली सफर का उत्सव बन गया। श्री पूनिया के बीकानेर पहुॅचने पर अनेक पूर्व पुलिस अधिकारियों ने प्रदेश अध्यक्ष का साफा पहनाकर,पुष्पहार अर्पित कर और शाॅल ओढाकर जोरदार अभिनंदन किया। उपस्थित सभी साथियों ने उनके नेतृत्व और पुलिस परिवार के प्रति उनके समर्पण की सराहना की।
भावुक क्षणों के बीच प्रदेश अध्यक्ष श्री पूनिया ने बताया कि आज से ठीक 50 साल पहले उन्होने बीकानेर की पावनधरा से ही अपनी सरकारी सेवा की शुरूवात की थी,उन्होने बीकानेर के विभिन्न थानों में बिताए समय और शहर की पुरानी गलियों के अपने अनुभवों को सांझा किया। सम्बोधन के दौरान उन्होने अपने कैरियर की एक रोंगटे खडे कर देने वाली बीकानेर पुराने शहर की धटना याद की, उन्होने बताया कि कैसे एक गुण्डे ने उन पर चाकू से हमला कर दिया, उनके चाकु लगने के बाद लहुलहुआन होने के बाद भी उन्होने अपनी पूरी ताकत से गुण्डे को दबोचे रखा और उसे जेल की सलाखो मे डाला, इसके अतिरिक्त प्रदेश अध्यक्ष पूनिया ने उन स्वर्णिय और साहसी पन्नों को याद किया गया, जब पंजाब में उग्रवाद अपने चरम पर था, उस कठिन दौर मे उन्होने गंगानगर बोॅर्डर पर तैनात रहकर अत्यन्त सराहनीय व साहसिक सेवाऐं दी। उनकी इसी कर्तव्य परायणयता और अदम्य साहस के लिए उन्हे महामहिम राष्ट्पति द्वारा राष्ट्पति पुलिस पदक ;पीपीके मेडलद्ध से सम्मानित किया गया था। उन्होने कहां कि बीकानेर की इस मिट्टी से मिला संस्कार ही उन्हे आज इस मुकाम तक ले आया है। उनकी वीरता के अनेक किस्सों को सुनकर वहां मौजूद सभी अधिकारियों की आंखे गर्व से भर आई।
अन्त मे प्रदेशाध्यक्ष श्री पूनिया ने सेवानिवृत पुलिस कर्मियों के कल्याण और उनके हकों की लडाई जारी रखने का सकल्प दोहराया। उन्होने कहां कि बीकानेर की इस मिट्टी ने उन्हे जो साहस और पहचान दी वह उनके जीवन की सबसे बडी पूंजी है। कार्यक्रम में संस्थान के संभागीय अध्यक्ष जगमालराम बिस्सु एवं सेवानिवृत वरिष्ठ पुलिस अधिकारी अरूण आहूजा का विशेष आभार व्यक्त किया गया, जिनके प्रयासों से इस भव्य मिलन का आयोजन हुआ। इस अवसर पर बीकानेर के कई पूर्व वरिष्ठ पुलिस अधिकारी हरिराम गहलोत, अरूण आहूजा, ओम प्रकाश चैधरी, श्रीकृष्ण मीणा, बन्ने सिंह, सलावत खां, जगमालराम बिस्सु, सुखदेव व्यास, महेन्द्र तिवारी, राजवीर सिंह, चंवर सिंह शेखावत, प्रताप सिंह, मनीराम यादव, भवानी सिंह, विजय दान, अनूपसिंह, भैरूसिंह राजवी, श्रवणराम विश्नोई, रामसिंह, निरंजन शर्मा, महबूब अली, हीरालाल, चन्द्र प्रकाश, राधाकिशन, रामगोपाल राजपुरोहित, भंवर सिंह राठौड, असगर मोहम्मद के अलावा अन्य अनेक सेवानिवृत अधिकारी और कार्मिक मौजूद रहे। अन्त मे संगठन के जिलाध्यक्ष मनोहर सिंह लूणा द्वारा सभी का आभार व्यक्त किया गया।
