











बीकानेर/कतरियासर, आज खंड मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुनील कुमार जैन एवं खंड कार्यक्रम अधिकारी ऋषिकुमार कल्ला के नेतृत्व में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कतरियासर में क्लस्टर मीटिंग का आयोजन किया गया। बैठक में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कतरियासर एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सरेरा की समस्त आशा सहयोगिनी, आशा सुपरवाइजर, सेक्टरल सुपरवाइजर, सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी, एएनएम एवं नर्सिंग ऑफिसर उपस्थित रहे।
बैठक के दौरान खंड मुख्य चिकित्सा अधिकारी द्वारा स्वास्थ्यकर्मियों की क्षमता संवर्धन करते हुए विभिन्न राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों की विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। समीक्षा में यह पाया गया कि कुछ एएनएम एवं नर्सिंग ऑफिसरों को राष्ट्रीय कार्यक्रमों की पूर्ण जानकारी का अभाव है, जिस पर सभी को कार्यक्रमों की सही एवं अद्यतन जानकारी दी गई।
बैठक में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कतरियासर में शून्य अथवा अत्यल्प संस्थागत प्रसव को लेकर गहरी नाराजगी व्यक्त की गई। डॉ. जैन ने बताया कि संस्थान पर तीन नर्सिंग ऑफिसर एवं एक एएनएम पदस्थापित होने के बावजूद माह में औसतन केवल एक प्रसव होना अत्यंत गंभीर विषय है। इस पर निर्देश दिए गए कि अटैचमेंट क्षेत्र में आगामी प्रसव योग्य महिलाओं की सूची तैयार कर उन्हें फोन के माध्यम से प्रेरित कर संस्थागत प्रसव हेतु चिकित्सा संस्थान पर लाया जाए, ताकि शत-प्रतिशत संस्थागत प्रसव सुनिश्चित किया जा सके।
बैठक में विभिन्न कार्यक्रमों की प्रगति की समीक्षा करते हुए आईएचआईपी पोर्टल पर पीएल एवं एस फॉर्म की शत-प्रतिशत एंट्री सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। साथ ही एनीमिया मुक्त राजस्थान अभियान के अंतर्गत लक्ष्यों के अनुरूप आईएफए सिरप एवं पिंक-ब्लू टैबलेट का इंडेंट कर पीईओ के माध्यम से विद्यालयों में वितरण तथा शाला दर्पण पोर्टल पर शत-प्रतिशत एंट्री करने के निर्देश दिए गए।
एनसीडी कार्यक्रम की समीक्षा के दौरान बताया गया कि राज्य सरकार का फोकस तीन प्रकार के कैंसर की स्क्रीनिंग पर है, अतः अधिक से अधिक पात्र व्यक्तियों की स्क्रीनिंग सुनिश्चित की जाए। साथ ही बीपी एवं शुगर रोगियों की शत-प्रतिशत स्क्रीनिंग कर उन्हें नियमित उपचार एवं फॉलो-अप में रखा जाए।
बैठक में यह भी निर्देश दिए गए कि योग्य दंपती सर्वे, जिसे 31 दिसंबर 2025 तक पूर्ण किया जाना था, अभी तक कई संस्थानों द्वारा पूरा नहीं किया गया है। इस पर सभी आशा सहयोगिनियों को योग्य दंपती सर्वे शीघ्र शत-प्रतिशत पूर्ण करने के निर्देश दिए गए।
सरेरा के चिकित्सा अधिकारी को निर्देशित किया गया कि संस्थागत प्रसव केवल महिला नर्सिंग ऑफिसर अथवा एएनएम के माध्यम से ही कराए जाएँ। इसी क्रम में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बंबलू के निरीक्षण के दौरान यह पाया गया कि वहाँ पुरुष नर्सिंग ऑफिसरों द्वारा पीएसी पर प्रसव कराए जा रहे हैं, जिस पर स्पष्ट निर्देश दिए गए कि संस्थागत प्रसव अनिवार्य रूप से महिला स्वास्थ्यकर्मी द्वारा ही कराया जाए।
