
बीकानेर राजस्थान में अशोक गहलोत सरकार ने देश का सबसे बड़ा खेल आयोजन किया है। सरकार की ओर से आयोजित खेल हर गांव में खेले गए। इसी खेल आयोजन के जिला स्तर पर विजेता खिलाड़ियों को खुद मुख्यमंत्री पुरस्कार देने बीकानेर संभाग में आ रहे हैं। यह गहलोत का ही विजन है कि पूरे राज्य में गांवों को खेलमय बना दिया। खेलों से मनोरंजन भी और खेल प्रतिभाओं का परिमार्जन भी। यह सुकून देने वाला आयोजन रहा। अगर आप सोनिया या राहुल गांधी नहीं हो और अशोक गहलोत के राजनीतिक विरोधी हों और निजी तौर पर आप से गहलोत सरकार के काम काज के बारे में पूछा जाए तो गहलोत सरकार की लोक कल्याणकारी योजनाओं की अगर निष्पक्ष रूप से सोचते हैं तो प्रशंसा करोगे ही। पिछले पखवाड़े मेरे ऑफिस आए एक कदावर नेता से हमने पूछ था। उनका यही जवाब था साथ ही कहना कि कांग्रेस में गहलोत ही राजस्थान के मास लीडर है। भले ही गांधी परिवार की राजनीति कुछ भी कहे बीते हालातों में गहलोत कांग्रेस का गांधीवादी चेहरा था। अब सोनिया गांधी शायद ही गहलोत का यह मान रहने दें। गहलोत के विरोधियों के पास उनकी आलोचना के पचास बिंदु मिल जाएंगे, परंतु जो गहलोत में पॉलिटिकल स्किल है वो कांग्रेस में राष्ट्रीय स्तर पर भी किसी में हो तो नाम बता दें। पांच दशकों के राजनीतिक जीवन पर दाग खुद एआईसीसी ही लगा रही है। गहलोत तो लोगों के दिलों में बसे है। कांग्रेस जन मानस से उखडती जा रही है। जो पार्टी और जनता की सेवा को समर्पित हो उसका खुद अपने ही ऐसा हश्र करेंगे लोकतंत्र में ऐसा होना तो नहीं चाहिए ? अगर होता है तो सब का दुर्भाग्य ही होगा।