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बीकानेर,विश्व दुग्ध दिवस के अवसर पर वेटरनरी ऑडिटोरियम, बीकानेर में आयोजित भव्य समारोह में दुग्ध उत्पादन एवं महिला सहकारिता के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिला पशुपालकों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में उरमूल डेयरी बीकानेर के प्रबंध संचालक बाबूलाल बिश्नोई, वेटरनरी कॉलेज के डीन, केमल फार्म के डीन डॉ. ए.के. गहलोत सहित डेयरी एवं पशुपालन विभाग के अनेक अधिकारी, पशुपालक एवं सहकारी समितियों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
समारोह में ग्राम मुंडसर की मूला खेड़ी महिला दुग्ध उत्पादक सहकारी समिति की अध्यक्ष कौशल्या देवी पत्नी शिवलाल तथा जेगला पन्नादरोगा क्षेत्र की सिगड़ों का बास महिला दुग्ध उत्पादक सहकारी समिति की अध्यक्ष राजेश्वरी देवी पत्नी श्रवण कुमार को महिला दुग्ध सहकारिता एवं पशुपालन के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए विशेष रूप से सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर उरमूल डेयरी बीकानेर के प्रबंध संचालक बाबूलाल बिश्नोई ने कहा कि “राजस्थान की ग्रामीण महिलाएं आज दुग्ध उत्पादन और सहकारिता आंदोलन की सबसे मजबूत कड़ी बन चुकी हैं। महिला दुग्ध उत्पादक समितियों के माध्यम से न केवल परिवारों की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है, बल्कि महिलाओं में नेतृत्व क्षमता और आत्मविश्वास का भी अभूतपूर्व विकास हुआ है। कौशल्या देवी और राजेश्वरी देवी जैसी महिलाएं ग्रामीण समाज में परिवर्तन की अग्रदूत हैं, जिन्होंने अपने समर्पण, मेहनत और नेतृत्व से अन्य महिलाओं को आगे बढ़ने की प्रेरणा दी है।”
उन्होंने कहा कि उरमूल डेयरी लगातार महिला दुग्ध उत्पादक समितियों को सशक्त बनाने, प्रशिक्षण उपलब्ध कराने तथा दुग्ध व्यवसाय को लाभकारी बनाने के लिए कार्य कर रही है। महिलाओं की सक्रिय भागीदारी से डेयरी क्षेत्र में नई संभावनाएं विकसित हुई हैं और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिली है।
कार्यक्रम में वक्ताओं ने बताया कि महिला दुग्ध उत्पादक सहकारी समितियां ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार, आय वृद्धि और सामाजिक विकास का प्रभावी माध्यम बन रही हैं। आज हजारों महिलाएं दुग्ध व्यवसाय से जुड़कर आत्मनिर्भर बन रही हैं तथा अपने परिवार और समाज के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।
सम्मान प्राप्त करने पर कौशल्या देवी ने कहा कि यह सम्मान केवल उनका नहीं बल्कि उनकी समिति से जुड़ी सभी महिलाओं की मेहनत और समर्पण का सम्मान है। वहीं राजेश्वरी देवी ने कहा कि महिला सहकारिता के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने का कार्य आगे भी निरंतर जारी रहेगा।
कार्यक्रम के अंत में दोनों महिला अध्यक्षों को प्रशस्ति-पत्र एवं स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया गया। उपस्थित जनसमूह ने उनके कार्यों की सराहना करते हुए उन्हें ग्रामीण महिला सशक्तिकरण और दुग्ध सहकारिता की प्रेरणादायी मिसाल बताया।

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