













बीकानेर,जयपुर। विश्व तंबाकू निषेध दिवस पर संयुक्त अभिभावक संघ ने कहा कि तंबाकू और नशे के दुष्प्रभावों पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि कानूनों की सख्ती से पालना भी सुनिश्चित की जानी चाहिए। दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति यह है कि 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों को तंबाकू उत्पाद बेचने पर प्रतिबंध होने तथा शैक्षणिक संस्थानों के आसपास बिक्री पर रोक के बावजूद स्कूलों, कॉलेजों और कोचिंग संस्थानों के बाहर खुलेआम गुटखा, सिगरेट और तंबाकू बेचे जा रहे हैं।
*संयुक्त अभिभावक संघ के प्रदेश प्रवक्ता अभिषेक जैन बिट्टू ने कहा कि* “जो लोग पहले से तंबाकू का सेवन कर रहे हैं, उनके लिए तो जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं, लेकिन बच्चों और युवाओं को इस लत से बचाने के लिए जमीनी स्तर पर प्रभावी कार्रवाई नजर नहीं आती। जब जिम्मेदार विभाग ही नियमों की अनदेखी करें तो बच्चों के स्वास्थ्य की सुरक्षा कैसे होगी?”
उन्होंने कहा कि “विश्व तंबाकू निषेध दिवस केवल औपचारिकता बनकर नहीं रहना चाहिए। सरकार और प्रशासन को शैक्षणिक संस्थानों के आसपास तंबाकू उत्पाद बेचने वालों के खिलाफ विशेष अभियान चलाकर सख्त कार्रवाई करनी चाहिए, ताकि आने वाली पीढ़ी को नशे की गिरफ्त में जाने से बचाया जा सके।”
संयुक्त अभिभावक संघ ने राज्य सरकार और प्रशासन से तंबाकू नियंत्रण कानूनों की प्रभावी पालना सुनिश्चित करने तथा बच्चों के स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की है।
