













बीकानेर,स्थायी लोक अदालत ने आज एक प्रकरण में परिवादी को न्याय देते हुए बीकेईएसएल को आदेश दिये कि पूर्व उपभोक्ता की बकाया राशि बिना लिये परिवादी के मकान में नया कनेक्शन देवे और परिवादी को हुए मानसिक संताप पेटे 30 हजार रुपए का भुगतान करे। साथ ही स्थायी लोक अदालत ने फाइनेंस कंपनी को भी परिवादी को मानसिक संताप पेटे 30 हजार रुपए का भुगतान करने का आदेश दिया है।
परिवादी गणेश चौधरी पुत्र बच्छराज चौधरी निवासी डागो की प्रोल, बड़ा बाजार की ओर से अधिवक्ता मोहम्मद सलीम राठौड़ ने स्थायी लोक अदालत में परिवाद पेश किया था। जिसमें उसने संगीता चौरडिया पत्नी विकास चौरडिया, कैपरी ग्लोबल कैपिटल लिमिटेड और बीकेईएसएल को पार्टी बनाते हुए कहा कि उसने कैपरी ग्लोबल कैपिटल लिमिटेड के आधिपत्य की हनुमान नगर स्थित प्लाट नंबर 33-ई (भवन निर्मित) को अखबार में प्रकाशित विज्ञापन के आधार पर जरिए नीलामी पंजीकृत सेल डीड से 9 जनवरी, 2025 को खरीदा है। इस मकान में बिजली कनेक्शन लेने के लिए जब बीकेईएसएल भीनासर ऑफिस में फाइल लगाई तब विद्युत कंपनी ने पूर्व बकाया राशि का भुगतान करने और भुगतान नहीं करने पर नया विद्युत कनेक्शन नहीं देने को कहा। जिसकी वजह से परिवादी और उसके परिवार को 15 हजार रुपए मासिक किराए के मकान में रहने को विवश होना पड़ा। नीलामी के दौरान उक्त मकान में ना तो मीटर और ना ही बिजली के तार नजर आए थे। नीलामी करने वाली कैपरी ग्लोबल कैपिटल लिमिटेड की ओर से परिवादी को बकाया बिजली बिल की जानकारी नहीं दी गई थी और ना ही नीलामी के दौरान विद्युत कंपनी के अधिकारी मौजूद थे।
स्थायी लोक अदालत ने सभी तथ्यों पर गौर करते हुए शुक्रवार को यह आदेश जारी किया।
ये था प्रकरण
परिवादी गणेश चौधरी ने हनुमान नगर स्थित भवन निर्मित प्लाट 33-ई को कैपरी ग्लोबल कैपिटल लिमिटेड की ओर से की गई नीलामी में खरीदा था। उक्त मकान की पूर्व मालिक संगीता चौरडिया पत्नी विकास चौरडिया थी। संगीता चौरडिया ने इस मकान को मॉर्गेज रखते हुए कैपरी ग्लोबल कैपिटल लिमिटेड से लोन ले रखा था। लोन नहीं चुकता करने पर फाइनेंस कंपनी ने उक्त मकान को कुर्क कर रखा था। जिसकी नीलामी का अखबार में विज्ञापन प्रकाशित किया। प्रकाशित विज्ञापन के आधार पर परिवादी ने उक्त मकान की खरीद की। इस मकान पर अप्रैल, 2025 तक बीकेईएसएल के 16 लाख से ज्यादा की राशि बकाया बताई गई।
