













बीकानेर,जिला स्वास्थ्य समिति की मासिक बैठक शुक्रवार को जिला कलेक्टर निशांत जैन की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित हुई। बैठक में जिले के सभी ब्लॉक मुख्य चिकित्सा अधिकारी एवं विभिन्न अस्पतालों के प्रभारी अपने-अपने क्षेत्र से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े।
बैठक में जिला कलेक्टर ने सभी अधिकारियों को स्वास्थ्य सेवाओं की प्रभावी समीक्षा एवं नियमित मॉनिटरिंग करते हुए आमजन के लिए स्वास्थ्य सेवाओं की उत्कृष्ट तस्वीर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे तथा प्रत्येक स्वास्थ्य संस्था पर गुणवत्तापूर्ण सेवाएं सुनिश्चित की जाएं।
जिला कलेक्टर ने हीट वेव एवं लू-तापघात से बचाव के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अस्पतालों में आवश्यक दवाइयां एवं उपकरण पूर्णतः कार्यशील स्थिति में रहें तथा मरीजों एवं परिजनों के लिए पेयजल, छाया और ठंडी हवा की समुचित व्यवस्था रहे। उन्होंने पशुओं को भी भीषण गर्मी से बचाने के लिए संबंधित विभागों के साथ समन्वय कर आवश्यक उपाय करने के निर्देश दिए। साथ ही आगामी वर्षा ऋतु को देखते हुए मलेरिया एवं डेंगू नियंत्रण के लिए एंटी लार्वा गतिविधियों को गति देने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य (मां) योजना की समीक्षा करते हुए जिला कलेक्टर ने पात्र लाभार्थियों को योजना का लाभ दिलाने, आईपीडी के विरुद्ध शत-प्रतिशत टीआईडी जनरेट करने तथा अधिक संख्या में पैकेज बुकिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। गंगाशहर सैटेलाइट अस्पताल एवं उप जिला अस्पताल लूणकरणसर की अपेक्षाकृत कम उपलब्धियों पर उन्होंने नाराजगी व्यक्त करते हुए सुधार के निर्देश दिए।
गैर संचारी रोग (एनसीडी) स्क्रीनिंग कार्यक्रम की समीक्षा के दौरान जिला कलेक्टर ने डेटा को नियमित अद्यतन करते हुए शत-प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त करने के निर्देश दिए। उन्होंने मुख्यमंत्री निशुल्क दवा योजना में लगातार चार वर्षों से राज्य में प्रथम स्थान प्राप्त करने पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. पुखराज साध, योजना के जिला नोडल अधिकारी डॉ. नवल गुप्ता सहित समस्त अधिकारियों एवं कर्मचारियों को बधाई दी।
बैठक में मुख्यमंत्री निशुल्क जांच योजना, परिवार कल्याण कार्यक्रम, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं तथा अन्य राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों की समीक्षा की गई। जिला कलेक्टर ने परिवार कल्याण कार्यक्रम के अंतर्गत पीपीआईयूसीडी सेवाओं का अधिकाधिक विस्तार कर पात्र महिलाओं तक इसकी पहुंच सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
एनीमिया मुक्त राजस्थान अभियान की समीक्षा के दौरान उन्होंने शाला दर्पण पोर्टल पर बेहतर प्रविष्टियों पर संतोष व्यक्त किया, वहीं आयरन एवं अन्य दवाओं का वास्तविक लाभ लक्षित लाभार्थियों तक पहुंचाने के लिए अतिरिक्त प्रयास करने को कहा।
जिला कलेक्टर ने 14 से 15 वर्ष आयु वर्ग की किशोरियों के लिए एचपीवी टीकाकरण अभियान को प्रभावी बनाने के निर्देश देते हुए विद्यालय खुलने से पूर्व स्वास्थ्य कर्मियों के माध्यम से घर-घर संपर्क कर अभिभावकों को जागरूक करने के निर्देश दिए।
मां वाउचर योजना की समीक्षा करते हुए उन्होंने ऑटो फॉरवर्ड मामलों को कम करने के निर्देश दिए जिससे योजना के अंतर्गत होने वाली निशुल्क सोनोग्राफी की रिपोर्ट का चिकित्सकों द्वारा समय पर अवलोकन कर आवश्यक परामर्श एवं उपचार सुनिश्चित किया जा सके।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. पुखराज साध ने एजेंडावार विभिन्न योजनाओं एवं कार्यक्रमों की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की। वहीं डिप्टी सीएमएचओ (स्वास्थ्य) डॉ. लोकेश गुप्ता, डिप्टी सीएमएचओ (परिवार कल्याण) डॉ. योगेंद्र तनेजा, जिला प्रजनन एवं शिशु स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. भवानी शंकर गहलोत, जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. चंद्रशेखर मोदी तथा जिला डीडीडब्ल्यू प्रभारी डॉ. नवल गुप्ता, एसडीएम जिला अस्पताल के अधीक्षक डॉ सुनील हर्ष, पीबीएम अस्पताल उपाधीक्षक डॉ. गौरी शंकर जोशी सहित अन्य अधिकारियों ने अपने-अपने कार्यक्रमों की प्रगति एवं उपलब्धियों की जानकारी दी।
बैठक में मुख्य कार्यकारी अधिकारी जिला परिषद शैलजा पांडे, महिला अधिकारिता विभाग के उपनिदेशक सुभाष बिश्नोई सहित शिक्षा विभाग, आयुर्वेद विभाग, इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।
