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बीकानेर,जैन पब्लिक स्कूल के इतिहास में वह दिन स्वर्णिम अक्षरों में अंकित हो गया, जब विद्यालय में प्री-नर्सरी से 11वीं तक अध्ययनरत रहीं प्रतिभाशाली छात्रा तान्या सावनसुखा ने ऑल इंडिया स्तर पर CBSE कक्षा 12वीं में प्रथम स्थान प्राप्त कर विद्यालय, परिवार और पूरे देश का नाम गौरवान्वित किया। इस अभूतपूर्व सफलता के उपलक्ष्य में विद्यालय परिसर में एक भव्य समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें तान्या के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए उनकी उपलब्धि का हर्षोल्लास के साथ उत्सव मनाया गया।

कार्यक्रम का शुभारंभ ईश्वर वंदना एवं गुरुजनों के आशीर्वाद से हुआ। तत्पश्चात तान्या एवं उनके परिवार—माता-पिता, नाना एवं दादीजी—का पारंपरिक रीति से माला, साफा, स्मृति-चिन्ह (मोमेंटो) एवं पुष्पगुच्छ भेंट कर आत्मीय स्वागत एवं सम्मान किया गया। वातावरण में गर्व, प्रसन्नता और भावुकता का अद्भुत संगम देखने को मिला।

विद्यालय के अध्यक्ष विजय कुमार जी कोचर ने अपने उद्बोधन में कहा कि इस प्रकार की महान उपलब्धियाँ एक दिन में प्राप्त नहीं होतीं, बल्कि इसके पीछे वर्षों का कठिन परिश्रम, अनुशासन और अटूट संकल्प छिपा होता है। तान्या ने अपनी मेहनत और लगन से यह सिद्ध कर दिया है कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो, तो कोई भी ऊँचाई असंभव नहीं रहती। उन्होंने तान्या की सफलता को समाज और देश के लिए प्रेरणास्रोत बताया।

विद्यालय के सचिव CA माणक कोचर ने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्टता स्थापित करने के लिए तान्या जैसे मेधावी विद्यार्थियों की आवश्यकता होती है। उन्होंने इस उपलब्धि को विद्यालय के लिए गर्व का क्षण बताते हुए तान्या के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
डॉ. धनपति कोचर ने अपने संबोधन में कहा कि सफलता की यह कहानी अचानक नहीं बनती, बल्कि यह उन छोटे-छोटे कदमों का परिणाम है, जो तान्या ने SJPS में प्री-नर्सरी से ही निरंतर आगे बढ़ाते हुए तय किए। उन्होंने माता-पिता एवं परिवार के संस्कारों को इस सफलता का आधार बताया। CEO सीमा जैन ने तान्या को बधाई को देते हुए उज्ज्वल भविष्य की कामना प्रेषित की।
विद्यालय की प्रधानाचार्या रूपश्री सिपानी कार्यक्रम के दौरान तान्या की शैक्षणिक यात्रा को चित्रों और स्मृतियों के माध्यम से प्रस्तुत किया। विशेष रूप से कक्षा दसवीं में प्रथम स्थान प्राप्त करना और “राइजिंग स्टार” पुरस्कार जीतना उनके निरंतर परिश्रम का प्रमाण रहा।
तान्या की माताजी विनीता ने भावुक होकर कहा कि एक समय था जब वे तान्या को विद्यालय लेकर आई थीं, और आज वह गौरवपूर्ण क्षण है जब तान्या उन्हें विद्यालय लेकर आई है। यह केवल एक बेटी की नहीं, बल्कि पूरे परिवार की उपलब्धि है।

तान्या ने भी अपने उद्बोधन में अपने सभी शिक्षकों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि कैसे उन्होंने नन्हे कदमों से इस विद्यालय के प्रांगण में प्रवेश किया और चौदह वर्षों की इस लंबी यात्रा में शिक्षा, संस्कार और अनुशासन को आत्मसात किया। उनके शब्दों में विनम्रता, कृतज्ञता और दृढ़ संकल्प झलक रहा था। परिवार के अन्य सदस्यों ने भी विद्यालय के सकारात्मक शैक्षणिक वातावरण और शिक्षकों के समर्पण की भूरि-भूरि प्रशंसा की।

इस पूरे समारोह का सफल और सजीव संचालन शैक्षिक समन्वयक शिमला चौधरी द्वारा अत्यंत प्रभावशाली ढंग से किया गया, जिन्होंने कार्यक्रम को गरिमा और उत्साह से भर दिया।

अंततः यह समारोह केवल एक उपलब्धि का उत्सव नहीं था, बल्कि यह संघर्ष, समर्पण और सफलता की प्रेरणादायक कहानी बन गया—जो आने वाली पीढ़ियों को अपने सपनों को साकार करने के लिए निरंतर प्रेरित करता रहेगा।

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