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बीकानेर,राजस्थानी भाषा को विद्यालय स्तर पर पाठ्यक्रम में शामिल करने को लेकर माननीय सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिए गए ऐतिहासिक निर्णय पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए महाराजा गंगा सिंह विश्वविद्यालय के राजस्थानी विभाग द्वारा “आपणी भाषा राजस्थानी, आपणी ओळखांण” कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में कुलपति प्रो. मनोज दीक्षित ने कहा कि यह निर्णय प्रदेश के प्रत्येक राजस्थानी के सांस्कृतिक स्वाभिमान, मातृभाषा और पहचान को मजबूत करने वाला ऐतिहासिक कदम है।

उन्होंने कहा कि अब प्रत्येक राजस्थानी अपनी सांस्कृतिक जड़ों से और अधिक मजबूती से जुड़ सकेगा तथा आने वाले समय में राजस्थानी भाषा के क्षेत्र में लाखों रोजगार के अवसर सृजित होंगे। उन्होंने सभी प्रदेशवासियों से अपनी मातृभाषा को बढ़ावा देने का आह्वान किया।

राजस्थानी विभाग प्रभारी डॉ. लीला कोर ने कहा कि वर्षों से लंबित मांग अब पूरी होने जा रही है, जिससे राजस्थानी भाषा को नया सम्मान मिलेगा।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अतिथि व्याख्याता डॉ. गौरी शंकर प्रजापत ने कहा कि इस ऐतिहासिक निर्णय से राजस्थानी भाषा को केंद्र सरकार की आठवीं अनुसूची तथा राजस्थान में राजभाषा के रूप में मान्यता मिलने का मार्ग भी प्रशस्त हुआ है।

अतिथि व्याख्याता डॉ. नमामि शंकर आचार्य ने इसे वर्षों की साधना और संघर्ष का परिणाम बताया। वहीं रामावतार उपाध्याय ने कहा कि आने वाले समय में राजस्थान के विश्वविद्यालयों, महाविद्यालयों एवं विद्यालयों में राजस्थानी भाषा के नए पद सृजित होंगे, जिससे बड़ी संख्या में युवाओं को रोजगार मिलेगा।

मोट्यार परिषद के राजेश चौधरी ने कहा कि देश के विभिन्न राज्यों में अपनी-अपनी मातृभाषाओं को सम्मान मिलता देख हर राजस्थानी के मन में यह इच्छा रहती थी कि राजस्थानी भाषा को भी वही सम्मान प्राप्त हो। सुप्रीम कोर्ट के निर्णय से अब यह सपना साकार होने जा रहा है।

अतिथि व्याख्याता डॉ. मनोज आचार्य ने कहा कि राजस्थानी भाषा का सम्मान, प्रत्येक राजस्थानी के सम्मान से जुड़ा हुआ है। वृंदा व्यास ने कहा कि अब राजस्थानी भाषा को राष्ट्रीय स्तर पर विशेष पहचान मिलेगी।

प्रो. अनिल छंगाणी ने कहा कि किसी भी प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत ही उसके विकास की सबसे महत्वपूर्ण धरोहर होती है और राजस्थानी भाषा उस विरासत की आत्मा है।

कार्यक्रम में राजस्थानी विभाग के सैकड़ों विद्यार्थियों ने सुप्रीम कोर्ट के निर्णय पर खुशी व्यक्त करते हुए एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर उत्साह प्रकट किया।

इस अवसर पर सुनील बिश्नोई, राजूनाथ, बजरंग बिश्नोई, दिलीप सैन, नखतूचंद, शुभकरण उपाध्याय, भवानी सिंह तंवर, पृथ्वी सिंह रतनू, मोनिका व्यास, कोमल सुथार, कृपा अर्जुन पारीक, मुकेश परिहार सहित अनेक छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

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