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बीकानेर वेटरनरी विश्वविद्यालय, बीकानेर की स्नातकोत्तर परिषद् की बैठक मंगलवार  को कुलगुरु राजुवास, बीकानेर डॉ. सुमंत व्यास की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक को सम्बोधित करते हुए कुलगुरु डॉ. सुमंत व्यास ने कहा कि विश्वविद्यालय की कार्यशीलता छात्र हित के लिए सर्वोपरि है एवं पाठ्यक्रम की समयावधि में पूर्णता विश्वविद्यालय का प्रमुख दायित्व है। कुलगुरु डॉ. व्यास ने कहा कि विश्वविद्यालय विद्यार्थियों को उच्च शिक्षण द्वारा कौशल केन्द्रीकरण हेतु अग्रसित है। अधिष्ठाता स्नातकोत्तर अध्ययन प्रो. राजेश कुमार धूड़िया ने विभिन्न एजेण्डों की जानकारी देते हुए बताया की इस वर्ष पी.जी. एवं पी.एच.डी. पाठ्यक्रम में प्रवेश के लिए विश्वविद्यालय द्वारा 12 जुलाई, 2026 को प्री-पी.जी. परीक्षा (2025-26) आयोजित करवायी जाएगी। विश्वविद्यालय द्वारा राजुवास, बीकानेर के संघटक वेटरनरी महाविद्यालय, बीकानेर एवं उदयपुर तथा रूवास, जयपुर के संघटक महाविद्यालय, पी.जी.आई.वी.ई.आर., जयपुर में पी.जी. एवं पी.एच.डी. पाठ्यक्रम में आगामी सत्र में प्रवेश राजुवास, बीकानेर द्वारा आयोजित प्री-पी.जी. परीक्षा द्वारा ही करवाया जाएगा।  बैठक में प्री-पी.जी. परीक्षा से संबंधित विभिन्न मुद्दों जैसे परीक्षा के विषयवार पाठ्यक्रम, छात्र योग्यता, विभिन्न विषयों में सीटों का वर्गीकरण एवं काउंसिलिंग के विस्तृत कार्यक्रम आदि के बिन्दुओं पर चर्चा एवं अनुमोदन हुआ। परिषद के सदस्यों द्वारा कई विषयों के शैक्षणिक अभिलेखों में नाम में सुधार हेतु भी प्रस्ताव रखे गए। परिषद् के सदस्य पूर्व निदेशक, क्लीनिक, राजुवास, बीकानेर प्रो. टी.के. गहलोत ने पी.पी.टी. द्वारा विश्वविद्यालय में विभिन्न प्रकार के सर्टिफिकेट एवं पी.जी. डिप्लोमा प्रोग्राम शुरू करने हेतु सुझाव दिए। परिषद के सदस्य प्रो. बी.के. माथुर (सेवानिवृत प्रधान वैज्ञानिक, काजरी, जोधपुर) ने स्नातकोत्तर शिक्षण हेतु सुझाव दिए। बैठक के दौरान अधिष्ठाता वेटरनरी महाविद्यालय, बीकानेर प्रो. बी.एन. श्रृंगी, अधिष्ठाता वेटरनरी महाविद्यालय, उदयपुर प्रो. एस.के. शर्मा, अधिष्ठाता डेयरी महाविद्यालय, बीकानेर प्रो. राहुल सिंह पाल, निदेशक क्लिनिक प्रो. प्रवीण बिश्नोई, परीक्षा नियंत्रक डॉ. सुनीता पारीक, परिषद के सदस्य डॉ. राजेश नेहरा, डॉ. दिनेश जैन, डॉ. अशोक कुमार एवं डॉ. जे.पी. कच्छावा उपस्थित रहे।

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