













बीकानेर,अखिल विश्व गायत्री परिवार शांतिकुंज हरिद्वार के तत्वावधान में रामपुरा बस्ती स्थित बलदेव स्कूल के पास गली नंबर उन्नीस में नौ कुण्डीय गायत्री महायज्ञ वैश्विक शांति, राष्ट्र जागरण एवं लोकमंगल की कामना की पूर्णाहुति से सम्पन्न हुआ।
गायत्री परिवार ट्रस्टी व मीडिया प्रभारी देवेन्द्र सारस्वत ने बताया कि तीन दिवसीय नौ कुण्डीय गायत्री महायज्ञ का समापन रामपुरा बस्ती गली नंबर नौ बलदेव विद्यालय में पुर्णाहुति से हुआ। यज्ञस्थल में अध्यात्मिक ऊर्जा एवं श्रद्धा का विशेष वातावरण दिखाई दिया। संकल्प लेने में मातृशक्ति ने बढ़ चढ़कर रुचि दिखाई।
गायत्री शक्तिपीठ देवालय प्रबंधन समिति संयोजक प्रवीण तंवर ने बताया कि पूर्णाहुति से पूर्व यज्ञस्थल पर यज्ञोपवीत, गुरुदीक्षा, अन्नप्राशन, विद्यारंभ पुसंवन, जन्मदिन एवं विवाह दिवस संस्कार निःशुल्क करवाये गये।
प्रज्ञा पुराण कथा का सार बताते हुए कथावाचक गोपाल स्वामी ने कहा कि गायत्री और यज्ञ सनातन धर्म का मूल आधार है। नियमित तप जप उपासना और साधना से मानवीय जीवन में सकारात्मक परीवर्तन आने लगता है। सच्चरित्र और निस्वार्थ लोकसेवा ही किसी राष्ट्र को ऊंचा उठा सकती है।
मुख्य प्रबंध ट्रस्टी पवन कुमार ओझा द्वारा काया मेरी प्राण तुम्हारे अब हमने यह ठाना है, स्वार्थ और संकोच त्याग कर हमको घर घर जाना हैं इस उद्घोष के साथ गृहे गृहे गायत्री यज्ञ अभियान को सफल बनाने के लिए और अधिक तेजी से कार्य करने का आह्वान किया गया। सोशियल मीडिया यूट्यूब फेसबुक जूम ऐप के माध्यम से ओनलाइन जुड़कर अथवा जोड़ कर घर घर गायत्री यज्ञ में सम्मिलित होने के सूत्र बताये। श्री औझा ने आगे कहा कि मन का संकल्प और शरीर का पराक्रम यदि किसी काम मे पूरी तरह लगा दिया जाये तो सफलता मिलकर रहती है। जिला समन्वयक मुकेश व्यास द्वारा अखंड ज्योति, युग निर्माण योजना एवं प्रज्ञा अभियान पाक्षिक मुखपत्र से जुड़ने का आह्वान किया गया। साथ ही रामपुरा क्षेत्र में गायत्री चेतना केन्द्र, महिला मंडल एवं युवा मंडल का गठन किया गया।
शांतिकुंज हरिद्वार प्रतिनिधि यज्ञाचार्य गोपाल स्वामी, बीरु सिंह और पुरुषोत्तम पारीक की केन्द्रीय टोली का नौ-कुण्डीय गायत्री महायज्ञ, प्रज्ञापुराण कथा की पूर्णाहुति एवं विदाई कार्यक्रम में गायत्री मंत्र अपर्णा, सद्साहित्य, अर्थार्चण एवं श्रीफल देकर सम्मानित किया गया।
नौ-कुण्डीय गायत्री महायज्ञ तथा प्रज्ञापुराण कथा में सहप्रबंध ट्रस्टी इंजीनियर अमरसिंह वर्मा, जिला समन्वयक मुकेश व्यास, माल सिंह, करनीदान चौधरी, प्रवीण तंवर, हरिसिंह गौड़, राधेश्याम नामा, सुल्तानाराम सिद्ध, जगजीत जाखड़, राजीव भार्गव, विनोद सोलंकी, राजा सिंह, नरेन्द्र चौहान तथा सरला चौधरी, ललिता शर्मा, भंवरी कंवर, मधु कस्वां एवं आनंद कंवर ने विशेष सहयोग प्रदान किया।
