













बीकानेर,जयपुर,आरटीई के तहत सत्र 2026-27 में चयनित करीब 1.90 लाख बच्चों को 50 दिन बीत जाने के बावजूद अब तक न तो विद्यालयों में प्रवेश मिला है और न ही उन्हें उनका शिक्षा का अधिकार प्राप्त हो सका है, जिससे प्रदेशभर के अभिभावकों में भारी आक्रोश व्याप्त है। राज्य सरकार एवं शिक्षा विभाग की उदासीनता तथा निजी विद्यालयों की मनमानी के विरोध में गुरुवार, 7 मई को प्रातः 11 बजे संयुक्त अभिभावक संघ के तत्वावधान में जयपुर के जेएलएन मार्ग स्थित शिक्षा संकुल के मुख्य द्वार पर बड़ा विरोध प्रदर्शन आयोजित किया जाएगा। इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में पीड़ित अभिभावक एवं पात्र विद्यार्थी शामिल होंगे।
*प्रदेश प्रवक्ता अभिषेक जैन बिट्टू ने बताया कि* चयन प्रक्रिया पूरी होने के लगभग 50 दिन बाद भी प्रवेश नहीं मिलना न केवल बच्चों के शिक्षा अधिकार का हनन है, बल्कि यह देश के संविधान का भी स्पष्ट उल्लंघन है। पिछले 50 दिनों से प्रदेशभर के अभिभावक लगातार परेशान हो रहे हैं और जिम्मेदार अधिकारियों को कई बार शिकायतें दर्ज करवा चुके हैं। यहां तक कि शिक्षा मंत्री मदन दिलावर तक भी अपनी बात पहुंचाई जा चुकी है, इसके बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। *उन्होंने आरोप लगाया कि* सरकार और प्रशासन की निष्क्रियता के चलते निजी स्कूलों की मनमानी लगातार बढ़ रही है। कई विद्यालय स्पष्ट रूप से प्रवेश देने से इंकार कर रहे हैं, जबकि कुछ स्कूल संचालक प्रवेश के बदले अवैध रूप से फीस मांगकर अभिभावकों को प्रताड़ित कर रहे हैं और विद्यार्थियों को शिक्षा से वंचित कर रहे हैं। इन्हीं मनमानियों के विरोध में अभिभावक एवं विद्यार्थी गुरुवार को सड़कों पर उतरने को मजबूर हुए हैं। यदि इसके बाद भी समस्या का समाधान नहीं हुआ, तो शिक्षा संकुल पर आमरण अनशन शुरू किया जाएगा।
