













बीकानेर,अभी एक सप्ताह पहले बीकानेर क़े न्यूज पेपरो में पढ़ने को मिला नगर निगम ने अपने सभी केडर क़े अधिकारियो /कर्मचारियों को वार्ड स्तर पर नियुक्त करके बीकानेर में हर वार्ड को साफ सुथरा बनाने की घोषणा की, मन को बड़ा सुकून मिला कि चलो गंदगी से डटी हुई नालिया, आम सड़को पर पसरा हुआ गंदा पानी और हर गली मोहल्लो में बड़ी बड़ी पड़ी गंदगी की ढेरियो से हमें निजात मिलेगी किन्तु उक्त आदेश हुवे शायद एक सप्ताह से ऊपर समय हों गया किन्तु परकोटे का हर गली,मोहल्ला और पश्चिमी विधानसभा का पश्चिम साइड में परकोटे से बाहर का क्षेत्र में आज भी स्थानीय वाशीनदों को कोई बदलाव नज़र नही आया अभी दो रोज पहले चंद मिनटों की बारिश ने ये जता दिया कि बीकानेर में अंधेर नगरी चौपट राजा वाली कहावत सटीक बैठती है हर नाली नाला उफान पर था सडके गंदे पानी से दरिया बनी हुई थी और आज भी परकोटे का कोई गली मोहल्ला जहाँ देखो गंदगी की ढेरिया आपको दिखाई देगी चाहे घनी आबादी क्षेत्र हों या स्कुल कॉलेज मंदिर हों किन्तु देखकर ऐसा लगता है कि हमारा नगरनिगम बीमारू सरकारी एजेंसी है या समस्त कर्मचारियों /अधिकारियो ने हड़ताल क़र दी हों l मेरे हिसाब से बीकानेर में मैंने अपने समझ क़े पच्चास सालो में ऐसी दशा कभी नही देखी जो इन 2-3 सालो में तिब्बल इंजन सरकार में देखने को मिल रही है l किन्तु किसे दोष दें l जहाँ जनप्रतिनिधि अपने पद की चमक दमक में व्यस्त है, जनता में जागरूकता की कमी है वहाँ अधिकारी क्यूँ अपने कर्तव्य का पालन करेंगे l सब उस कहावत को चरितार्थ क़र रहे है “मस्त रहो अपनी मस्ती में आग लगे चाहे किसी बस्ती में ।
