













बीकानेर,स्थानीय कृषि उपज मंडी के सम्मानित व्यापारी 61 वर्षीय मुकुंद लाल शर्मा के साथ जमीनों की बड़ी धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। कृषि भूमि बेचने के नाम पर भरोसा जीतकर इकरारनामा करने के बावजूद जमीन किसी अन्य को बेच देने के मामले में न्यायालय ने गंभीर रुख अपनाया है।
अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट संख्या-02, बीकानेर की सीआई संख्या 246/2021 में प्रस्तुत प्रकरण पर विचार करते हुए न्यायालय ने संजय सेठिया पुत्र मोतीलाल सेठिया एवं उनकी पत्नी नीतू सेठिया पत्नी संजय सेठिया, निवासी 98 समता नगर, बीकानेर, के विरुद्ध प्रथम दृष्टया भारतीय दंड संहिता की धारा 420 (धोखाधड़ी) एवं 406 (आपराधिक विश्वासघात) के तहत पर्याप्त आधार पाए हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार संजय सेठिया ने मुकुंद लाल शर्मा को गांव थारूसर, तहसील पूगल, जिला बीकानेर स्थित अपनी 50 बीघा कृषि भूमि तथा अपनी पत्नी नीतू सेठिया के नाम 24 बीघा 10 बिस्वा कृषि भूमि बेचने का प्रस्ताव दिया। दोनों पक्षों के बीच उक्त 74 बीघा 10 बिस्वा कृषि भूमि को लेकर इकरारनामा भी किया गया।
मुकुंद लाल शर्मा ने बताया कि कृषि उपज मंडी में लंबे समय से व्यापारिक संबंध होने के कारण उनका संजय सेठिया और उनके परिवार पर पूरा विश्वास था। इसी विश्वास के आधार पर उन्होंने भूमि क्रय संबंधी प्रक्रिया आगे बढ़ाई।
लेकिन बाद में संजय सेठिया ने इकरारनामा निरस्त किए बिना ही उक्त संपत्ति किसी अन्य व्यक्ति को बेच दी। जब परिवादी को इस बात की जानकारी मिली तो उन्होंने न्यायालय की शरण ली।
न्यायालय ने अपने आदेश में स्पष्ट माना कि विपक्षीगण ने स्वयं के स्वामित्व वाली संपत्ति को बेचने की प्रवंचना कर परिवादी के साथ छल और धोखाधड़ी की। यह भी सामने आया कि भूमि संबंधी वादों के बावजूद रजिस्ट्री प्रक्रिया पूरी नहीं की गई और परिवादी को लगातार गुमराह किया गया।
मामले में न्यायालय ने अभियुक्तों के विरुद्ध विधि सम्मत कार्यवाही अमल में लाने हेतु पुलिस को निर्देश जारी किए हैं। जिला एवं सेशन न्यायालय, बीकानेर ने भी मामले को गंभीर मानते हुए कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
मुकुंद लाल शर्मा ने कहा,
“मैंने बाजार की पहचान और पुराने संबंधों के आधार पर उन पर विश्वास किया था, लेकिन उन्होंने भरोसे का गलत फायदा उठाया। मुझे न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है।”
यह मामला व्यापारियों और आम नागरिकों के लिए एक बड़ी चेतावनी है कि केवल सामाजिक पहचान और पुराने संबंधों के आधार पर बड़े भूमि सौदों में विश्वास करना भारी पड़ सकता है।
अब संजय सेठिया और नीतू सेठिया के खिलाफ न्यायिक प्रक्रिया तेज हो गई है और परिवादी को न्याय मिलने की उम्मीद मजबूत हुई है।
