













बीकानेर,बीकानेर के पीबीएम हॉस्पिटल में कार्यरत अटेंडेंट पिछले 13 दिनों से हड़ताल पर बैठे हैं, लेकिन अब तक उनकी मांगों पर कोई सुनवाई नहीं हुई है। इन कर्मचारियों का कहना है कि वे बेहद कम वेतन में अपनी जान जोखिम में डालकर काम कर रहे हैं।
आज के महंगाई भरे दौर में भी उन्हें मात्र 5800 रुपये महीने की सैलरी दी जा रही है। अटेंडेंट्स का आरोप है कि वे मरीजों की सेवा में दिन-रात लगे रहते हैं और गंभीर परिस्थितियों में भी पीछे नहीं हटते। कोविड-19 जैसी महामारी के दौरान भी इन कर्मचारियों ने अपनी जान की परवाह किए बिना अस्पताल में ड्यूटी निभाई थी।
उस समय इन्हें कोरोना वॉरियर कहा गया, लेकिन आज इन्हीं की आवाज दबाई जा रही है। हड़ताली कर्मचारियों का कहना है कि पिछले दो महीनों से उन्हें सैलरी तक नहीं मिली है। ठेकेदार पर शोषण के गंभीर आरोप लगाए जा रहे हैं। कर्मचारियों का कहना है कि उनसे डबल ड्यूटी करवाई जाती है, लेकिन भुगतान समय पर नहीं किया जाता। अटेंडेंट्स ने प्रशासन और अस्पताल प्रबंधन से कई बार गुहार लगाई, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उनका कहना है कि उनकी आर्थिक स्थिति लगातार खराब होती जा रही है। घर चलाना मुश्किल हो गया है और कर्ज बढ़ता जा रहा है। हड़ताल पर बैठे कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। उन्होंने सरकार से मांग की है कि उनका वेतन बढ़ाया जाए और बकाया सैलरी तुरंत जारी की जाए। स्थानीय लोगों ने भी इन कर्मचारियों का समर्थन किया है और प्रशासन से जल्द समाधान निकालने की अपील की है। अब देखना यह है कि प्रशासन कब तक इनकी आवाज सुनता है या यह हड़ताल और लंबी खिंचती है।
