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बीकानेर,ज्योतिष और अध्यात्म को वास्तविक रूप में समझने के लिए भारतीय संस्कृति का गहन अध्ययन आवश्यक है। यह बात उत्तराखंड सरकार के पूर्व मंत्री एवं द फोरकास्ट हाउस के निदेशक डॉ. नंदकिशोर पुरोहित ने कही। वे स्व. पं.श्रीकृष्ण व्यास की पुण्यतिथि के अवसर पर म्यूजियम सर्किल स्थित “होटल अक्षय” में आयोजित ‘फोरकास्ट विजन 2027’ कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे।

डॉ. पुरोहित ने कहा कि जीवन में समय का सही पालन करना सटीक अध्यात्म के लिए आवश्यक है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में एआई के बढ़ते प्रभाव के कारण साहित्यिक संक्रमण का दौर चल रहा है, जिससे आमजन वास्तविकता को लेकर असमंजस में है। ऐसे समय में योग्य गुरुजनों के मार्गदर्शन में रहना और परंपरागत ज्ञान से जुड़ना बेहद जरूरी है।

कार्यक्रम के दौरान द फोरकास्ट हाउस के सचिव महेंद्र सिंह शेखावत ने संस्था की स्थापना से लेकर अब तक की गतिविधियों का विस्तृत ब्यौरा प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि अध्यात्म, ज्योतिष, वास्तु और कर्मकांड जैसे विषयों का व्यवस्थित अध्ययन और अभ्यास आज के दौर की जरूरत है।

इस अवसर पर स्वाति ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि फोरकास्ट हाउस ने आमजन तक सरल तरीके से अध्यात्म और ज्योतिष से जुड़ी जानकारी पहुंचाकर एक सार्थक पहल की है, जिसका लाभ समाज के विभिन्न वर्गों को मिल रहा है।

कार्यक्रम में ज्योतिष गुरु पं.विष्णु प्रसाद व्यास,पं.नवरत्न शर्मा,दफोरकास्ट हाउस की महिला विंग प्रभारी स्वाति पारीक,पं.विपिन शर्मा, नमामि शंकर पारीक,उमाशंकर सोलंकी,रामचंद्र उपाध्याय,शिवानंद,मनोज स्वामी,प्रकाश सहित  अन्य वक्ताओं ने भी अपने विचार रखते हुए अध्यात्म और ज्योतिष के महत्व पर प्रकाश डाला।

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