













बीकानेर,राजस्थानी साफा-पाग पगडी, कला संस्थान एवं थार विरासत की ओर से 538वें नगर स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित पांच दिवसीय ‘उछब थरपणा’ के तीसरे दिन आज प्रातः 10 बजे लक्ष्मीनारायण रंगा सृजन-सदन परिसर में भव्य मांडणा एवं रंगोली बनाने का आयोजन किया गया।
आयोजन के मुख्य अतिथि देश के ख्यातनाम साहित्यकार-चिंतक मालचंद तिवाड़ी ने इस अवसर पर कहा कि हमारी परंपरागत लोक कला एवं लोक संस्कृति को समर्पित यह आयोजन अपने आप में अनूठा है, जिसमें रंगों की रंगत और भावनाओं की संगत के साथ मांडणा-रंगोली युवा प्रतिभाओं ने उकेरे, जो एक से बढ़कर एक तथा मनमोहक हैं।
आयोजन की अध्यक्षता करते हुए वरिष्ठ साहित्यकार कमल रंगा ने कहा कि मांडणा-रंगोली हमारी सांस्कृतिक विरासत है। इसको आध्यात्मिक प्रक्रिया का एक महत्वपूर्ण अंग भी माना गया है। सभी मांडणे एवं रंगोली मानवीय भावनाओं के प्रतीक हैं।
आयोजन के संयोजक वरिष्ठ शिक्षाविद् राजेश रंगा ने बताया कि रंगोली के माध्यम से करीब 50 बालिकाओं ने अपनी कला के हुनर से चाईनीज मांझे के खिलाफ, नगर स्थापना के संदर्भ में, पर्यावरण के संदर्भ में, जल संकट के संदर्भ में, खेजड़ी बचाओ, पशु-पक्षी एवं मानवता के प्रति करूणा के भाव, राव बीकाजी, गंगा सिंह जी के चित्र आदि महत्वपूर्ण विषयों के साथ कई समकालीन संदर्भ एवं समस्याओं पर बेहतरीन रंगोली उकेरी जो अपने आप में प्रशंसा के योग्य है।
आयोजन के सहप्रभारी युवा संस्कृतिकर्मी आशीष रंगा ने बताया कि इस ऐतिहासिक आयोजन में हेमलता व्यास, मीनाक्षी गौड़, अंजू राव, राजेश्वरी व्यास सहित अन्य महिला कला विशेषज्ञों की देखरेख में नगर की युवा प्रतिभाओं ने विभिन्न कलात्मक आकृतियों को उकेरते हुए पूरे परिसर को सुसज्जित कर दिया। जिसकी कला प्रेमियों दर्शनार्थियों एवं बालक/बालिकाओं ने अवलोकन कर भूरी-भूरी प्रशंसा की।
आयोजन प्रभारी संस्कृतिकर्मी-कला विशेषज्ञ श्रीमती हेमलता व्यास ने कहा कि युवा प्रतिभाओं द्वारा विभिन्न कलात्मक आकृतियों को उकेरते हुए पूरे परिसर को सुसज्जित किया गया। इसमंे प्रमुख रूप से युवा प्रतिभा प्रेरणा सेवग, समृद्धि पारीक, स्नेहा भारती, युक्ता ओझा, पूर्वी बिस्सा, माधुरी किराडू, कृतिका प्रजापत, आंकाक्षा जोशी, भावना स्वामी, हर्पिता मारू, गौरांगी व्यास, मानवी आचार्य, धैर्या रंगा, कृष्णा पुरेाहित, मान्या जोशी, नव्या व्यास, दिव्यांशी देवड़ा, परी जोशी, खुशी ओझा, पलक ओझा, पायल ओझा, सौम्या पुरोहित, राखी व्यास, निहारिका व्यास, शोभा स्वामी, शिवानी ओझा, काव्या पुरोहित, राजनंदनी ओझा, तनिष्का स्वामी, खुशी गहलोत, आर्या जोशी, जाहन्वी स्वामी सहित अन्य बालिका कलाकारों ने अपनी कलात्मक प्रस्तुति रंगोली के माध्यम से देेते हुए बड़े उत्साह और उमंग के साथ अपनी सहभागिता निभाई। आयोजन का संचालन शिक्षाविद् हरिनारायण आचार्य ने किया, सभी का आभार भवानी सिंह राठौड़ ने ज्ञापित किया।
