













बीकानेर,पूर्व मंत्री गोविंदराम मेघवाल का बड़ा हमला, सियासत में मचा घमासान बीकानेर में आयोजित एक सभा के दौरान पूर्व मंत्री गोविंदराम मेघवाल ने कई बड़े और गंभीर आरोप लगाकर प्रदेश की राजनीति में हलचल तेज कर दी है। अपने संबोधन में मेघवाल ने सीधे तौर पर विरोधियों के साथ-साथ अपनी ही पार्टी के कुछ नेताओं को निशाने पर लिया।
मेघवाल ने आरोप लगाया कि रवि शेखर ने उनके निजी कार्यक्रम में व्यक्ति भेजकर वीडियो बनवाया और उसे वायरल कराया, जो एक आपराधिक कृत्य है। उन्होंने इसे अपनी निजता का उल्लंघन बताते हुए कहा कि वीडियो के साथ छेड़छाड़ कर उनकी छवि खराब करने की साजिश रची गई।
कांग्रेस के भीतर चल रही खींचतान पर बोलते हुए मेघवाल ने कहा कि कुछ नेता पार्टी में रहकर ही भाजपा की “बी टीम” की तरह काम कर रहे हैं। उन्होंने एक तारीख को प्रदर्शन करने वाले नेताओं को “नौसिखिया” करार देते हुए आरोप लगाया कि ये लोग भाजपा के इशारे पर कांग्रेस को कमजोर करने में लगे हैं।
वहीं वरिष्ठ नेता रामेश्वर डूडी को लेकर भी मेघवाल ने तीखा बयान दिया। उन्होंने कहा कि नोखा में उनकी जीत में डूडी की भूमिका जरूर रही, लेकिन वे हमेशा सत्ता पक्ष के अनुसार काम करते रहे। मेघवाल ने आरोप लगाया कि डूडी कांग्रेस की बजाय सत्ता में आने वाली पार्टी का साथ देते रहे और कांग्रेस में आने के बाद उन्होंने कभी उनका समर्थन नहीं किया।
केंद्रीय मंत्री अर्जुनराम मेघवाल पर भी उन्होंने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि जिला प्रमुख चुनाव में भाजपा के वोट कांग्रेस को दिलवाए गए और बदले में मंत्री पुत्र के माध्यम से आर्थिक लेन-देन हुआ। उन्होंने दावा किया कि इस पूरे घटनाक्रम में करोड़ों रुपये का खेल हुआ।
इसके अलावा मेघवाल ने 2013 के विधानसभा चुनावों का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि एक विशेष समूह ने श्रीडूंगरगढ़, खाजूवाला और लूणकरणसर सीटों पर कांग्रेस उम्मीदवारों को हराने का काम किया।
मेघवाल के इन तीखे बयानों के बाद बीकानेर की राजनीति में एक बार फिर आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर राजनीतिक माहौल और अधिक गरमाने के आसार नजर आ रहे हैं।
मेघवाल ने उपस्थित कार्यकताओ और आमजन का आभार व्यक्त कर कहा कि लोकसभा क्षैत्र की आठो विधानसभा से हजारो की संख्या में आप सब पार्टी को मजबूति प्रदान करने के उद्देष्य से शामिल हुए। इससे पूर्व गोविंद मेघवाल ने 300 वाहनों के साथ अपने निवास स्थान से कलेक्ट्रेट तक वाहन रैली निकाली और सभा के अंत में कर्मचारी मैदान से डा. भीमराव अम्बेडकर सर्किल तक पैदल रैली निकाल बाबा साहब की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया।
