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बीकानेर,जयपुर,अगर आप किसी अनजान व्यक्ति को जरूरी कॉल के लिए अपना मोबाइल दे देते हैं, तो सावधान हो जाइए। यह छोटी सी मदद आपको बड़ी साइबर ठगी का शिकार बना सकती है। महानिदेशक पुलिस राजीव कुमार शर्मा के निर्देशानुसार राजस्थान पुलिस की साइबर क्राइम शाखा ने आमजन को चेतावनी जारी करते हुए बताया है कि साइबर अपराधी अब नए-नए तरीके से लोगों को अपना निशाना बना रहे हैं।
ऐसे हो रहा साइबर फ्रॉड
डीआईजी क्राइम शांतनु कुमार सिंह ने बताया कि बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन, पार्क और पर्यटन स्थलों पर साइबर ठग एक जरूरी कॉल का बहाना बनाकर लोगों से मोबाइल मांगते हैं। जैसे ही फोन उनके हाथ में आता है, वे कुछ ही सेकंड में ऐसा खेल कर जाते हैं कि आपके बैंक खाते तक खाली हो सकते हैं और आपको पता भी नहीं चलता।
सबसे खतरनाक तरीका है कॉल फॉरवर्डिंग स्कैम। ठग आपके मोबाइल से एक कोड डायल कर देते हैं, जिससे आपके फोन पर आने वाले ओटीपी सीधे उनके नंबर पर जाने लगते हैं। इसके बाद वे आराम से आपके बैंक अकाउंट, व्हाट्सएप या सोशल मीडिया का एक्सेस हासिल कर लेते हैं।
इसके अलावा कई बार ठग आपके फोन में चुपचाप स्पाइवेयर या की-लॉगर इंस्टॉल कर देते हैं, जो आपकी हर गतिविधि पर नजर रखता है। पासवर्ड, बैंक डिटेल, निजी चैट सब कुछ उनके पास पहुंचता रहता है। इतना ही नहीं, वे आपके कॉन्टैक्ट्स चुराकर आपके रिश्तेदारों को इमरजेंसी का झांसा देकर पैसे भी ऐंठ सकते हैं।
अगर कोई अपराधी आपके फोन से किसी गैरकानूनी गतिविधि के लिए कॉल करता है, तो जांच में आपका नंबर सामने आएगा और आप बेवजह कानूनी प्रक्रिया में फंस सकते हैं।
*तो क्या करें?*
■ अगर कोई मदद मांगता है, तो इंसानियत जरूर दिखाएं, लेकिन समझदारी के साथ। फोन अपने हाथ में रखें, खुद नंबर डायल करें और स्पीकर पर बात कराएं। कभी भी अपना अनलॉक फोन किसी अनजान को न दें।
■ अगर गलती से फोन दे दिया है तो तुरंत करें ये काम:
~ *#21# डायल कर कॉल फॉरवर्डिंग चेक करें
~ ##002# डायल कर तुरंत फॉरवर्डिंग हटाएं
■ अपने सभी पेमेंट्स ऐप (यूपीआई) पर अलग से बायोमेट्रिक या पिन लॉक लगा कर रखें।
राजस्थान पुलिस ने अपील की है कि किसी भी साइबर ठगी की स्थिति में तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930, साइबर हेल्पडेस्क नंबर 9256001930/9257510100 या https://cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराएं।
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