












बीकानेर,प्रथम नवरात्रा से लेकर आज रामनवमी तक नव दिन मां करणी की विशेष पूजा अर्चना करने के बाद आज पूर्णाहुति के दिन विशेष जोत की गई। जस्सुसर गेट के बाहर स्थित करणी माता मंदिर एवं श्री अमरचंद जी भोमिया जी महाराज मंदिर में पूर्व पहलवान एवं सामाजिक कार्यकर्ता महावीर कुमार सहदेव ने देश में शांति, खुश-हाली की कामना को लेकर विशेष पूजा के साथ ही नवरात्र संपन्न पर जोत की। जोत को अपने निवास स्थान से मंदिर तक पैदल चलकर ले गए। पूरे 9 दिन मां करणी एवं श्री भोमिया जी महाराज की उपासना के बाद आज शुभ मुहूर्त में मां करणी को समर्पित गोबर के कंडो एवं देसी घी से जोत कर देश में उन्नति विकास एवं खुशहाली की प्रार्थना की। इससे पहले कन्या भोजन एवं लापसी का प्रसाद मां जगदंबे को अर्पित किया गया। चलती जोत को गली में घूमकर सभी को मां की ज्योत के दर्शन करवाए। गोबर से बने उपलो की ज्योत ही मां करणी को की जाती है यहां भी इसी प्रकार जोत की गई। नव दिन विशेष पूजा अर्चना एवं दुर्गा सप्तशती के पाठ, कलश स्थापना, मिट्टी के पात्र में बोये गए जवारो का आज विसर्जन विधिवत किया गया। महावीर कुमार सहदेव ने बताया कि बोये गए ज्वारे, कलश स्थापना से ऐसा प्रतीत होता है कि आने वाला समय किसानों के लिए श्रेष्ठ कर होगा। चैत्र मास के इस महीने में ज्वारे एवं कलश में रखे गए पानी से पता चलता है कि अब मौसम कैसा होगा ,हमारे पूर्वजों की यह पुरानी पद्धति थी इसी से पता चल जाया करता था कि आने वाला जमाना किसी प्रकार होगा।
