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बीकानेर,राजस्थानी के वरिष्ठ साहित्यकार कमल रंगा की नाट्य कृति ‘अंलेखू अंबा’ जो कि साहित्य अकादेमी नई दिल्ली के राष्ट्रीय पुरस्कार से पुरस्कृत है। इस कृति का हिन्दी अनुवाद देश के ख्यातनाम कवि-कथाकार, आलोचक एवं अनुवादक मालचंद तिवाड़ी द्वारा किया गया है।
प्रज्ञालय संस्थान के वरिष्ठ शिक्षाविद् राजेश रंगा ने बताया कि हिन्दी में अनूदित कृति ‘अनगिनत अंबाएँ’ को साहित्य अकादेमी नई दिल्ली द्वारा हाल ही में प्रकाशित किया गया है। इसी कृति का लोकार्पण 26 मार्च, 2026 वार गुरूवार को सुदर्शन कला दीर्घा नागरी भण्डार में सायं 5ः30 बजे होगा।
ज्ञात रहे कि इस कृति के अनुवादक मालचंद तिवाड़ी भी साहित्य अकादेमी नई दिल्ली से पुरस्कृत हैं, और आपकी अनेक हिन्दी-राजस्थानी की पुस्तकें चर्चित रही हैं। आप कुशल अनुवादक के रूप में भी अपनी पहचान रखते है।
मूल कृति ‘अंलेखू अंबा’ राजस्थानी नाटक के रचनाकार कमल रंगा केवल राजस्थानी भाषा में ही सृजन करते है। आपकी अभी तक 14 काव्य संग्रह, 6 नाटक, 3 कहानी संग्रह, 3 आलोचना, 2 डायरी विधा, 3 बाल साहित्य, 4 अनुवाद, व्यंग्य, संस्मरण एवं निबंध आदि विधाओं में करीब 40 पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं।
इस कृति पर अपनी टीप वरिष्ठ साहित्यकार शंकरसिंह राजपुरोहित एवं युवा साहित्यकार विपल्व व्यास रखेंगे।
कार्यक्रम का संचालन वरिष्ठ शायर क़ासिम बीकानेरी करेंगे।

 

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