










बीकानेर,मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक प्रभावी और सुलभ बनाने की दिशा में जिले में मोबाइल एकेडमी एवं किलकारी कार्यक्रम पर जिला स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला की अध्यक्षता कार्यवाहक मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. सी.एस. मोदी ने की। कार्यक्रम का उद्देश्य गर्भवती एवं प्रसूता महिलाओं तक स्वास्थ्य संबंधी जानकारी को सरल माध्यम से पहुँचाना तथा आशा सहयोगिनियों की क्षमता को तकनीकी प्रशिक्षण के माध्यम से सुदृढ़ करना रहा। कार्यक्रम मे जिले के सभी ब्लॉक कार्यक्रम प्रबंधक, ब्लॉक हैल्थ सुपरवाइजर और सेक्टर सुपरवाइजर ने भाग लिया|
डॉ. सी.एस. मोदी ने बताया कि किलकारी सेवा के माध्यम से पीसीटीएस में पंजीकृत महिलाओं के मोबाइल नंबर पर नियमित वॉयस मैसेज प्राप्त हो रहे हैं। इससे गर्भावस्था एवं प्रसव के बाद आवश्यक सावधानियों, पोषण, टीकाकरण तथा शिशु देखभाल संबंधी जानकारी घर बैठे मिल रही है। उन्होंने बताया कि किलकारी सेवा के अंतर्गत गर्भकाल के चौथे माह से संदेश मिलना प्रारंभ हो जाता है, जो शिशु के एक वर्ष की आयु तक जारी रहते हैं। इससे माता और शिशु के स्वास्थ्य की सटीक जानकारी घर बैठे गर्भवती महिला को प्राप्त हो जाती है |
*मोबाइल एकेडमी से आशाओं का कौशल विकास*
कार्यक्रम अधिकारी नवल किशोर व्यास ने बताया कि मोबाइल एकेडमी सेवा मातृ-शिशु स्वास्थ्य जागरूकता का प्रभावी माध्यम बन रही है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में भी स्वास्थ्य जानकारी का विस्तार हुआ है। मोबाइल अकेडमी कोर्स को आशा अपने मोबाइल से कभी भी किसी भी समय अपने पीसीटीएस मे रजिस्टर्ड नंबर से इस कोर्स को कर सकती है |
आशा समन्वयक रेणु बिस्सा ने जानकारी दी कि जिले की बड़ी संख्या में आशा सहयोगिनियों को कोर्स पूर्ण करने पर प्रमाण पत्र प्रदान किए जा चुके हैं, जबकि शेष को शीघ्र प्रमाण पत्र उपलब्ध करवाए जाएंगे। यह प्रशिक्षण आशाओं को गुणवत्तापूर्ण सेवाएँ देने, उच्च जोखिम गर्भावस्था की पहचान करने तथा समय पर रेफरल सुनिश्चित करने में सहायक सिद्ध हो रहा है|
किलकारी योजना से जहाँ गर्भवती माताओ को सही और समय पर सटीक जानकरी मिल रही है तो वही मोबाइल अकेडमी से आशाओ के कौशल मे वृद्धि हो रही है|
