










बीकानेर,भाकृअनुप-राष्ट्रीय उष्ट्र अनुसंधान केन्द्र, बीकानेर में आज दिनांक 24 मार्च, 2026 को ‘माइक्रोसॉफ्ट वर्ड में हिंदी में कार्य करने हेतु तकनीकी समाधान’ विषय पर ऑनलाईन राजभाषा कार्यशाला आयोजित की गई जिसमें एनआरसीसी की ओर से प्रतिभागियों की उत्साही सहभागिता रहीं।
कार्यशाला में मुख्य वक्ता श्री राकेश कुमार, उपनिदेशक (राजभाषा), भाकृअनुप–केन्द्रीय कृषि अभियांत्रिकी संस्थान, भोपाल ने अपने ऑनलाईन व्याख्यान में कंप्यूटर पर हिंदी में कार्य की विभिन्न तकनीकी बारीकियों को सरल एवं व्यावहारिक ढंग से प्रस्तुत किया। उन्होंने यूनिकोड फॉन्ट के विविध प्रकारों, उनकी उपयुक्तता, प्रयोग के दौरान आने वाली जटिलताओं तथा उनके प्रभावी समाधान पर विस्तार से प्रकाश डाला। साथ ही हिंदी की-बोर्ड लेआउट, ऑनलाइन हिंदी टंकण सुविधाओं, गूगल इनपुट टूल्स तथा पीपीटी मोड में हिंदी की कार्य-संगतता जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं की भी जानकारी दी। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि आज कंप्यूटर पर हिंदी में कार्य को सुगम, प्रभावी और त्रुटिहीन बनाने के लिए सभी आवश्यक तकनीकी संसाधन (सुविधाएं) उपलब्ध हैं, अतः हिंदी में अधिकाधिक कार्य करने की इच्छाशक्ति विकसित की जानी चाहिए ।
इस अवसर पर केंद्र के निदेशक डॉ. अनिल कुमार पूनिया ने राजभाषा के तकनीकी सुदृढ़ीकरण पर बल देते हुए सभी अधिकारियों व कर्मचारियों को डिजिटल माध्यमों में हिंदी के प्रयोग को प्राथमिकता देने हेतु प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीकी उपकरणों एवं सॉफ्टवेयर में हिंदी की बढ़ती उपलब्धता के चलते अब कार्य निष्पादन और अधिक सरल एवं प्रभावी हो गया है। साथ ही उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि हिंदी में दक्षता विकसित कर न केवल सभी प्रकार के कार्यों में पारदर्शिता बढ़ाई जा सकती है, बल्कि संवाद को भी अधिक सशक्त, सहज एवं प्रभावी बनाया जा सकता है।
डॉ. राकेश रंजन, प्रधान वैज्ञानिक एवं नोडल अधिकारी (राजभाषा) ने कार्यशाला के उद्देश्यों एवं इसके महत्त्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम राजभाषा के प्रभावी क्रियान्वयन एवं तकनीकी दक्षता के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं तथा यह समय की मांग भी है। कार्यशाला का संचालन श्री नेमीचंद बारासा, मुख्य तकनीकी अधिकारी तथा डॉ. राकेश कुमार पूनिया, तकनीकी अधिकारी द्वारा धन्यवाद प्रस्ताव ज्ञापित किया गया।
