












बीकानेर,जयपुर,शिक्षा का अधिकार (RTE) के नए शैक्षणिक सत्र प्रारंभ होने से पहले ही प्रदेशभर में विवाद की स्थिति उत्पन्न हो गई है। अभिभावकों में गहरा असमंजस बना हुआ है, वहीं शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। विभाग न तो पारदर्शिता दिखा रहा है और न ही किसी प्रकार की जवाबदेही तय कर पा रहा है, जिससे अभिभावकों की चिंता लगातार बढ़ती जा रही है।
संयुक्त अभिभावक संघ ने आरोप लगाया है कि आरटीई के तहत होने वाले दाखिलों में निजी स्कूल मनमाने तरीके से फीस की मांग कर रहे हैं, जो कि नियमों के खिलाफ है। इस प्रकार की स्थिति ने गरीब और जरूरतमंद अभिभावकों के सामने बड़ी समस्या खड़ी कर दी है। इसी विषय को लेकर संयुक्त अभिभावक संघ ने 19 मार्च को प्रातः 11.30 बजे से शिक्षा संकुल, जेएलएन मार्ग के मुख्य द्वार पर अभिभावकों की एक महत्वपूर्ण बैठक बुलाई है, जिसमें बड़ी संख्या में आरटीई अभिभावकों के शामिल होने की संभावना है। बैठक में आगे की रणनीति तय की जाएगी तथा सरकार और शिक्षा विभाग के खिलाफ आंदोलन की दिशा पर भी चर्चा होगी। इस बैठक में प्रदेश अध्यक्ष अरविंद अग्रवाल, महासचिव संजय गोयल, प्रदेश प्रवक्ता अभिषेक जैन बिट्टू और जयपुर जिला अध्यक्ष युवराज हसीजा भी उपस्थित होगे और अभिभावकों से संवाद करेंगे।
*प्रदेश प्रवक्ता अभिषेक जैन बिट्टू ने कहा कि* आरटीई जैसे संवेदनशील विषय पर सरकार और शिक्षा विभाग की लापरवाही बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। जब कानून स्पष्ट रूप से गरीब बच्चों को निशुल्क शिक्षा का अधिकार देता है, तब निजी स्कूलों द्वारा फीस मांगना पूरी तरह से अवैध और निंदनीय है।
उन्होंने कहा कि यदि विभाग जल्द ही स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी कर पारदर्शिता सुनिश्चित नहीं करता है, तो संयुक्त अभिभावक संघ प्रदेशभर में बड़े स्तर पर आंदोलन करने को मजबूर होगा। संघ ने सभी अभिभावकों से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में 19 मार्च को होने वाली बैठक में शामिल होकर अपने अधिकारों की रक्षा के लिए एकजुट हों।
