








बीकानेर,शहर की मुरलीधर व्यास कॉलोनी में चूरा परिवार की ओर से रविवार को पारंपरिक बाली गवर उत्सव श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया। इस अवसर पर सजी-धजी गवरजा, इसर और भाया की प्रतिमाओं की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की गई तथा भजनों और गीतों के बीच उत्सव का माहौल देखने को मिला।
कार्यक्रम के दौरान पंडित जुगल किशोर ओझा (पुजारी बाबा) के नेतृत्व में पुरुषों की मंडली ने पारंपरिक गवरजा के भजन प्रस्तुत किए। भजनों की मधुर स्वर लहरियों से पूरा परिसर भक्तिमय हो गया। बीकानेर की विशेष परंपरा के अनुसार यहां पुरुषों की मंडली द्वारा गणगौर के गीत गाए जाने की परंपरा निभाई जाती है, जिसका सुंदर दृश्य इस आयोजन में भी देखने को मिला।
चूरा परिवार की ओर से पुजारी बाबा और उनकी मंडली का पारंपरिक तरीके से स्वागत-सत्कार किया गया। कार्यक्रम के दौरान सजी-धजी गवरजा की प्रतिमा के समक्ष महिलाओं ने भजनों की धुन पर थिरकते हुए उत्सव की खुशी को साझा किया।
मंडली में पुजारी बाबा के साथ राजेंद्र ओझा, दुर्गादास छंगाणी, मग्नेश्वर ओझा, श्याम देराश्री सहित अन्य सदस्य मौजूद रहे, जिन्होंने पारंपरिक भजनों के माध्यम से वातावरण को भक्तिमय बना दिया।
वहीं चूरा परिवार की ओर से दिनेश पुरोहित, दिनेश व्यास, बजरंग ओझा, राज कुमार चूरा, उमेश चूरा, दिनेश चूरा, रवि चूरा, सुभाष जोशी, गोपाल चूरा, अतुल चूरा और लोकेश चूरा सहित परिवार के अन्य सदस्य आयोजन में सक्रिय रूप से शामिल रहे।
उत्सव के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु भी उपस्थित रहे। पारंपरिक भजन, पूजा-अर्चना और सांस्कृतिक माहौल के बीच आयोजित यह बाली गवर उत्सव बीकानेर की लोक संस्कृति और परंपराओं की जीवंत झलक प्रस्तुत करता नजर आया।
