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बीकानेर,महिला दिवस के नाम से ही हमें याद दिलाता है की, महिलाये आज हमारे राष्ट्र ओर विश्व की आधी जनसंख्या है, ओर यही वो बेटियां है नारिया है जो हमारा कल बनाती है।
परन्तु आज जो हमारे देश के राज्य के ओर
समाज के हालत है, उसमे बेटियां कहाँ है, आये दिन घटनाये होती है शादीशुदा महिलाये अपने बच्चो सहित सुसाइड कर रही है, मासूमों को या तो कोख मे ही मार दिया जाता है, या बचपन मे ही उनका बचपना छिन्न लिया जाता है, स्कूलों जाती बच्चियां हो या कामकाजी महिलाये कही कोई सुरक्षित नहीं है।
कहने को हमें आरक्षण भी दिया है परन्तु, कामकाज करना भी आज की पढ़ी लिखी नारियो के लिए आसान नहीं है,
क्यों?????????????????

कारण वही शोषण शारीरिक, मानसिक या दोहरा।
लेकिन खुशी होती है आज भी हमें इस पीड़ा मे भी की चलो हमने अपनी आवाज़ तो उठायी, आज देश की किसी भी सेवा मे हम बराबर के सेवक है।
मेडिकल विभाग से होने के कारण आज हम लगभग सभी ग्रामीण हो सहरी महिलाओ से जुड़े है ओर उनके जन्म से लेकर उनके नये जीवन सुरुवात तक हर पायेदान पर उनके स्वस्थ्य का ध्यान रखते आये है। ओर आगे भी हम सभी इसके लिए तत्पर रहेंगे।
देश की बेटियों के लिए आज hpv वैक्सीन लॉच हुई है, जो
की उनको कैंसर जैसी बीमारी से बचाने मे सहायक सिद्ध होंगी।
देश की सभी महिलाओ को इस उम्मीद के साथ महिला दिवस की हार्दिक सुभकामनाये, की हमारा आने वाला कल बेहतर हो।

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