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बीकानेर, मार्च में तापमान तेजी से बढ़ने के कारण गेहूँ की फसल पर उच्च तापमान का प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। अधिक तापमान के कारण दानों के भराव की प्रक्रिया प्रभावित होती है, जिससे दाने छोटे और हल्के रह जाते हैं तथा कुल उत्पादन में कमी आ सकती है। कृषि अनुसंधान केंद्र, स्वामी केशवानंद राजस्थान कृषि विश्वविद्यालय के शस्य वैज्ञानिक प्रो. अमर सिंह गोदारा ने बताया कि बढ़े हुए तापमान से गेहूं की फसल में होने वाले नुकसान को कम करने के लिए किसान भाई निम्नलिखित उपाय करें:
*पोटेशियम नाइट्रेट का छिड़काव*
यदि दिन का तापमान 32°C से अधिक हो जाए तो गर्मी के प्रभाव को कम करने के लिए 2.0 प्रतिशत पोटेशियम नाइट्रेट (13:00:45) का छिड़काव करें। इसके लिए 2.5 किलोग्राम पोटेशियम नाइट्रेट (KNO₃) को 125 लीटर पानी में घोलकर प्रति बीघा की दर से फसल पर छिड़काव करें।
*सिंचाई प्रबंधन*
उच्च तापमान के प्रभाव को कम करने के लिए फसल में अतिरिक्त सिंचाई कर खेत में नमी बनाये रखे।
उद्यान विभाग के सहायक निदेशक मुकेश गहलोत ने बताया कि किसान ध्यान रखें कि तेज हवा चलने के समय सिंचाई न करें, क्योंकि इससे फसल के गिरने की संभावना बढ़ जाती है।

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