सामाजिक आत्मनिर्भरता के लिए संगठित होकर प्रयास करें,ओझा












बीकानेर,कौशल विकास कार्यक्रम आत्मनिर्भरता के प्रमुख आधार है और सामाजिक आत्मनिर्भरता के लिए संगठित होकर प्रयास करें। ये उद्बोधन बीकानेर प्रौढ़ शिक्षण समिति की सचिव सुशीला ओझा ने जन शिक्षण संस्थान, बीकानेर द्वारा स्थानीय प्रौढ़ शिक्षा भवन सभागार में आज 6 मार्च को आयोजित जिला स्तरीय कार्मिक एवं संदर्भ व्यक्ति कार्यक्षमता संवर्द्धन प्रशिक्षण कार्यक्रम के अध्यक्षीय उद्बोधन में व्यक्त किए। संस्थान द्वारा 6 और 7 मार्च को आयोजित इस दो-दिवसीय कार्मिक एवं संदर्भ व्यक्ति कार्यक्षमता संवर्द्धन प्रशिक्षण कार्यक्रम के तहत संस्थान कार्मिकों सहित जिले के विभिन्न ब्लॉक के संदर्भ व्यक्तियों की सहभागिता रही।
उन्होंने कहा कि हमें अपनी आत्मनिर्भरता के साथ-साथ दूरस्थ क्षेत्रों जरूरतमंद एवं वंचितवर्ग के लोगों को भी आत्मनिर्भरता की मुख्यधारा से जोड़ना है। इसके लिए मिलकर प्रयास करना होगा।
मुख्य अतिथि एडवोकेट गिरिराज मोहता, अध्यक्ष जन शिक्षण संस्थान, बीकानेर ने कहा कि प्रशिक्षण कार्यक्रम हमारी कार्यदक्षता में वृद्धि करने के साथ-साथ बेहतर परिणामों के लिए भी हमें संकल्पित करते हैं। हमारी कार्यप्रणाली के सुधार में आनंददायी वातावरण की सकारात्मक भूमिका रहती है।
विशिष्ट अतिथि यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के प्रबंधक श्री विजेन्द्र सिंह ने कौशल विकास कार्यक्रमों के पश्चात् अपना उद्यम व स्वरोजगार शुरू करने के संबंध बैंक की विभिन्न वित्तीयऋण संबंधी योजनाओं और उनकी प्रक्रियाओं के संबंध में संभागियों की समझ विकसित की।
विशिष्ट अतिथि राजीविका के जिला प्रबंधक मणिशंकर हर्ष ने महिलाओं की आत्मनिर्भरता के लिए स्वयं सहायता समूहों के गठन और इसके महत्व पर प्रकाश डालते हुए कृषि सखी, बरतन सखी, ड्रॉनसखी आदि की जानकारी दी।
संस्थान के निदेशक ओम प्रकाश सुथार ने आगंतुकों का स्वागत करते हुए कहा कि इस दो-दिवसीय कार्यक्षमता संवर्द्धन प्रशिक्षण कार्यक्रम में मिलने वाली जानकारियों से अपनी कार्यप्रणाली में सुधार करें और बेहतर परिणाम देने के लिए तैयार हों।
कार्यक्रम अधिकारी महेश उपाध्याय ने प्रभावी संयोजन करते हुए प्रशिक्षण के विभिन्न सत्रों और कार्यप्रगति की जानकारी दी। इसके साथ ही सहायक कार्यक्रम अधिकारी तलत रियाज एवं उमाशंकर आचार्य ने रिकॉर्ड मेंटेंन एवं आवश्यक दस्तावेजीकरण कार्य सत्र का संचालन किया। लेखाकार लक्ष्मीनारायण चूरा ने लेखारिकॉर्ड एवं संबंधित दस्तावेजों की जानकारी दी। संस्था परिवार के संदर्भ व्यक्तियों सहित विष्णुदत मारू, पूजाभादाणी एवं शिवशंकर पुरोहित की सक्रिय सहभागिता रही।
अंत में संस्था परिवार के कार्यालय समन्वयक श्री राजीव हर्ष ने आगंतुकों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए व्यवहारगत परिवर्तनों को प्रशिक्षण कार्यक्रम की सार्थकता बताया।
उन्होंने कहा कि हमें अपनी आत्मनिर्भरता के साथ-साथ दूरस्थ क्षेत्रों जरूरतमंद एवं वंचितवर्ग के लोगों को भी आत्मनिर्भरता की मुख्यधारा से जोड़ना है। इसके लिए मिलकर प्रयास करना होगा।
मुख्य अतिथि एडवोकेट गिरिराज मोहता, अध्यक्ष जन शिक्षण संस्थान, बीकानेर ने कहा कि प्रशिक्षण कार्यक्रम हमारी कार्यदक्षता में वृद्धि करने के साथ-साथ बेहतर परिणामों के लिए भी हमें संकल्पित करते हैं। हमारी कार्यप्रणाली के सुधार में आनंददायी वातावरण की सकारात्मक भूमिका रहती है।
विशिष्ट अतिथि यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के प्रबंधक श्री विजेन्द्र सिंह ने कौशल विकास कार्यक्रमों के पश्चात् अपना उद्यम व स्वरोजगार शुरू करने के संबंध बैंक की विभिन्न वित्तीयऋण संबंधी योजनाओं और उनकी प्रक्रियाओं के संबंध में संभागियों की समझ विकसित की।
विशिष्ट अतिथि राजीविका के जिला प्रबंधक मणिशंकर हर्ष ने महिलाओं की आत्मनिर्भरता के लिए स्वयं सहायता समूहों के गठन और इसके महत्व पर प्रकाश डालते हुए कृषि सखी, बरतन सखी, ड्रॉनसखी आदि की जानकारी दी।
संस्थान के निदेशक ओम प्रकाश सुथार ने आगंतुकों का स्वागत करते हुए कहा कि इस दो-दिवसीय कार्यक्षमता संवर्द्धन प्रशिक्षण कार्यक्रम में मिलने वाली जानकारियों से अपनी कार्यप्रणाली में सुधार करें और बेहतर परिणाम देने के लिए तैयार हों।
कार्यक्रम अधिकारी महेश उपाध्याय ने प्रभावी संयोजन करते हुए प्रशिक्षण के विभिन्न सत्रों और कार्यप्रगति की जानकारी दी। इसके साथ ही सहायक कार्यक्रम अधिकारी तलत रियाज एवं उमाशंकर आचार्य ने रिकॉर्ड मेंटेंन एवं आवश्यक दस्तावेजीकरण कार्य सत्र का संचालन किया। लेखाकार लक्ष्मीनारायण चूरा ने लेखारिकॉर्ड एवं संबंधित दस्तावेजों की जानकारी दी। संस्था परिवार के संदर्भ व्यक्तियों सहित विष्णुदत मारू, पूजाभादाणी एवं शिवशंकर पुरोहित की सक्रिय सहभागिता रही।
अंत में संस्था परिवार के कार्यालय समन्वयक श्री राजीव हर्ष ने आगंतुकों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए व्यवहारगत परिवर्तनों को प्रशिक्षण कार्यक्रम की सार्थकता बताया।
