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बीकानेर,चूरू,उतरेगी कब और कौन उतारेगा, ये तो मालूम नहीं है परन्तु चूरू में नगरपरिषद को खुद जिला प्रशासन ने ही सिर पर चढ़ा रखा है। वो सिर पर भी ऐसी चढ़ी हुई है कि उतरने का नाम ही नहीं ले रही है। इसी कारण नगरपरिषद में अनियमितताएं और आमजन की दिक्कतें दिनों-दिन बढ़ती ही जा रही हैं।

मार्केट में भाजपा सरकार की भी जमकर ‘तुड़ी’ हो रही है

चूरू में सिर चढ़ी नगरपरिषद और जिला प्रशासन की मिलीभगत जग जाहिर है। इसका खामियाजा आमजन और स्वयं भाजपा सरकार को भी भुगतना पड़ रहा है। यहां आमजन तो परेशान है ही, भाजपा सरकार की भी जमकर ‘तुड़ी’ हो रही है। चूरू शहर में जहां देखो, वहां गंदगी के ढेर हैं। चैंबर खुले पड़े हैं। सड़कों पर गहरे गड्ढे गंदे पानी से भरे हुए हैं। सड़कें रात्रि के समय अंधेरे में रहती हैं। यहां इन लापरवाह उच्च अधिकारियों की वजह से आज के दिन शहर की जो दुर्दशा हो गई है, वैसी तो 40 सालों में कभी नहीं हुई बताई। यहां अधिकारियों ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की नाककट्टी कर रखी है।

अधिकारियों की नीति ही खराब है

सीएम और पीएम ने चूरू के लिए बजट देने में भी कोई कमी नहीं छोड़ी है, लेकिन यहां के अधिकारियों की नीति ही खराब है। बड़े-बूढ़े कहते हैं कि उतर गई लोई तो क्या करे कोई। यहां वही कहावत चरितार्थ हो रही है। अब देखो और नहीं तो आयकर विभाग जैसे महकमे के पास गंदगी के कारण दुर्गंध फैली हुई है। नगरपरिषद के अधिकारियों को कौन समझाए, समझाने वाले खुद समझ-समझ के नासमझ बने हुए हैं।

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