Trending Now

बीकानेर,बिश्नोई समाज में होली त्योहार पर होलिका दहन के बाद प्रह्लाद पंथ का अनुसरण कर सुतक के बाद शुद्धिकरण का विशेष महत्व है। इसके चलते एक परंपरा पाहल की जरूर होती है। बुधवार को सियोल निवास पर गुरु जम्भेश्वर भगवान की कृपा से हवन (पाहल) का आयोजन किया गया । स्वयं रामेश्वरलाल बिश्नोई ने हवन में आहुति दी और गुरु जाम्भोजी की शबदवाणी के 120 शब्दों का उच्चारण कर पाहल क्रिया का निर्वहन किया। तत्पश्चात पाहल ग्रहण कर सुतक का निषेद्य किया गया। इस अवसर पर परिवारजनों ने भी कार्यक्रम में भाग लिया और वातावरण के शुद्धिकरण के लिए मंत्रो का जाप किया गया। इस अवसर पर परिचितों को पाल (मंत्रोच्चारित शुद्ध जल) प्रदान किया गया।

Author