Trending Now

श्रीडूंगरगढ़,बीकानेर,श्रीडूंगरगढ़ स्थित साध्वी सेवा केंद्र की व्यवस्थापिका साध्वी संगीतश्री एवं साध्वी डॉ. परमप्रभा सहित सहवर्ती साध्वीवृंद का द्विदिवसीय मंगल भावना कार्यक्रम मंगलवार व आज बुधवार को श्रद्धा एवं भावपूर्ण वातावरण में आयोजित किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत मंगलाचरण से हुई, जिसे उर्मिला गिया ने प्रस्तुत किया।

कार्यक्रम में जैन श्वेतांबर तेरापंथी सभा से अध्यक्ष सुशीला/सीता पुगलिया, निवर्तमान अध्यक्ष विजयराज सेठिया, मंत्री प्रदीप पुगलिया, तेरापंथ महिला मंडल से मंजू झाबक, पूर्व मंत्री संगीता बोथरा, संरक्षिका झिणकार देवी बोथरा, कोषाध्यक्ष सुमन पुगलिया एवं मगनश्री सेठिया, तेरापंथ कन्या मंडल से साक्षी दूगड़, तेरापंथ युवक परिषद से उपाध्यक्ष चमन श्रीमाल, तेरापंथ किशोर मंडल से सह संयोजक विशाल बोथरा, अणुव्रत समिति से सत्यनारायण स्वामी, ज्ञानशाला से संयोजक के. एल. जैन, श्री ओसवाल पंचायत से अशोक बैद, तुलसी सेवा संस्थान के प्रशासक सूर्यप्रकाश गांधी एवं श्री जैन भोजनालय से हरीश डागा ने अपने भाव व्यक्त करते हुए सेवा केंद्र की द्वि-व्यवस्थापिका के सफलतम चाकरीकाल पर मंगल भावना प्रकट की एवं कृतज्ञता ज्ञापित की।

तेरापंथ युवक परिषद एवं महिला मंडल की ओर से गीतिका के माध्यम से विदाई अवसर पर भावनाओं की सुंदर प्रस्तुति दी गई, जिससे उपस्थित जनसमूह भावविभोर हो गया।

सेवा केंद्र साध्वीवृंद की ओर से व्यवस्थापिका साध्वी संगीतश्री, साध्वी डॉ. परमप्रभा सहित साध्वी सरस प्रभा, साध्वी पुनीत प्रभा, साध्वी ललित रेखा, साध्वी दीपयशा, साध्वी ऋजुप्रज्ञा, साध्वी शांति प्रभा एवं साध्वी कमलविभा ने अपने वक्तव्यों एवं सामूहिक गीतिका के माध्यम से सभी सेवाग्राही वृद्ध साध्वियों के गुणों का बखान करते हुए खमत-खामणा की तथा सभी संस्थाओं एवं संपूर्ण समाज के सहयोग के प्रति कृतज्ञता प्रकट की।

श्रावक-श्राविका समाज से पाना देवी बरडिया, विमल मालू, किरण देवी गिया, मालू परिवार से मधु पटावरी तथा मालू भवन कर्मचारी भैरुँ नाई ने भी अपने भावों की प्रस्तुति दी।

ख्याति प्राप्त वरिष्ठ पत्रकार राजू हीरावत ने बताया कि कार्यक्रम में विभिन्न संस्थाओं के पदाधिकारी, सदस्य एवं समाज के गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन तेरापंथ युवक परिषद के अध्यक्ष विक्रम मालू ने किया। उल्लेखनीय है कि जबसे तेरापन्थ युवक परिषद के विक्रम मालू अध्यक्ष बने है।तब से समय-समय पर अनेको धार्मिक सेवा भाव जन हित के शुभ कार्य होते रहते हैं।जिसकी सभी प्रशंसा करते है।

Author