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बीकानेर,पीबीएम अधीक्षक डॉ.बी.सी.घीया की अध्यक्षता में मंगलवार को बैठक आयोजित हुई। इस दौरान मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना के तहत विभिन्न विभागों में क्लेम रिजेक्शन की दर की समीक्षा की गई।
बैठक में योजना के पर्यवेक्षक डॉ. देवेंद्र अग्रवाल तथा मा योजना के नोडल अधिकारी डॉ. एलके कपिल सहित सभी विभागों के नोडल अधिकारियों ने भाग लिया।
इस दौरान मा योजना के प्रभावी क्रियान्वयन एवं सुदृढ़ीकरण के लिए नई मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) बनाई गई। इसे 1 मार्च से लागू किया जाएगा। इस एसओपी के तहत चिकित्सकों, नर्सिंग स्टाफ तथा कंप्यूटर ऑपरेटरों के लिए क्षमता निर्माण कार्यक्रम प्रारंभ किए जाएंगे। साथ ही प्रत्येक कंप्यूटर ऑपरेटर के लिए मासिक डैशबोर्ड प्रारूप लागू किया जाएगा, जिससे योजना के कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित हो सके।
आगामी 4 सप्ताह तक टीम-वार कार्यान्वयन योजना लागू की जाएगी तथा इसके पश्चात प्राप्त अपेक्षित परिणामों की विस्तृत रिपोर्ट प्राचार्य एवं अधीक्षक के समक्ष प्रस्तुत की जाएगी।
चिकित्साअधीक्षक डॉ. बी. सी. घीया ने सभी विभागों के नोडल अधिकारियों के साथ विस्तृत चर्चा कर उनकी समस्याओं एवं सुझावों की जानकारी ली। उन्होंने आईटी सेक्टर को मा योजना के लिए उच्चगति इंटरनेट सुविधा सहित समर्पित कंप्यूटर अधिकारी, साथ ही प्रत्येक विभाग में विभागाध्यक्ष या यूनिट हैड को नोडल भूमिका के साथ एक विभागीय समन्वयक नियुक्त करने के निर्देश दिए। इस समीक्षा बैठक का उद्देश्य मा योजना की कार्यक्षमता बढ़ाना, क्लेम रिजेक्शन कम करना तथा मरीजों को त्वरित एवं गुणवत्ता पूर्ण सेवाएं उपलब्ध करवाना था।

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