हनुमानगढ़ कृषि मेले में दूसरे दिन किसानों की भीड़ उमड़ी, सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने बढ़ाया आकर्षण












बीकानेर,हनुमानगढ़। कृषकों की आय बढ़ाने और आधुनिक तकनीकों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से लगाए गए किसान मेले ‘पंच गौरव अन्नदाता से अन्नपूर्णा तक का समृद्धि पथ’ के दूसरे दिन किसानों की भारी भीड़ उमड़ी। दूरदराज के किसान जहां समूहों में आए, वहीं स्थानीय किसान परिवार सहित मेला देखने आए। राजस्थानी – हरियाणवी सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने शमां बांध दिया। जिला प्रशासन हनुमानगढ़, एमएसएमई एवं श्री खुशालदास विश्वविद्यालय के संयुक्त तत्वावधान में श्री खुशाल दास विश्वविद्यालय परिसर में चल रहे तीन दिवसीय कृषि मेले में मशीनरी और तकनीक के तहत ड्रोन, सेंसर-आधारित सिस्टम, उन्नत ट्रैक्टर और आधुनिक मशीनरी, बीज और खाद स्टालों में उन्नत और जैविक बीजों का प्रदर्शन और बिक्री, पशुपालन में उन्नत नस्ल, डेयरी, दुग्ध व मधुमक्खी पालन और बागवानी प्रदर्शनी के साथ-साथ विशेषज्ञ – वैज्ञानिकों के बीच किसानों के तकनीकी सत्र आयोजित हुए। जैविक खेती से संबंधित स्टालों ने किसानों को आकर्षित किया। विधायक गणेशराज बंसल, निवर्तमान नगर परिषद सभापति सुमित रणवां, व्यापार मंडल शिक्षा समिति के अध्यक्ष बालकृष्ण गोल्याण, व्यापार संघ अध्यक्ष पदम जैन ने किसान मेले का निरीक्षण कर स्टार्टअप स्टॉल्स, पशु सौंदर्य प्रतियोगिता और कृषक संवाद कार्यक्रमों का अवलोकन किया। इस मौके पर श्री गुरु गोबिंद सिंह चैरिटेबल ट्रस्ट अध्यक्ष बाबू लाल जुनेजा, प्रबंध निदेशक दिनेश जुनेजा, रिटायर्ड आईजी गिरीश चावला भी मौजूद रहे। इस दौरान विधायक गणेश राज बंसल ने कहा कि अन्नदाताओं और आप सभी के मध्य उपस्थित होकर मैं अपने आप को अत्यंत गौरवान्वित महसूस कर रहा हूँ। उन्होंने मेले में आये सभी अन्नदाताओं, वैज्ञानिकों, उद्यमियों और विद्यार्थियों का अभिनंदन किया। जिनकी मेहनत, निष्ठा और नवाचार से कृषि क्षेत्र निरंतर नई ऊँचाइयों को छू रहा है। विधायक बंसल ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि आप सब सच्चे अर्थों में राष्ट्र की धमनियों में प्रवाहित उस जीवन दायिनी शक्ति के प्रतिनिधि हैं, जो भारत को आत्मनिर्भर और समृद्ध बनाती है। उन्होंने कहा कि इस कृषि मेले से आने वाले समय में कृषि अनुसंधान, नवाचार और तकनीकी संवाद को और भी अधिक नई दिशा मिलेगी। उन्होंने जिलेवासियों से अपील की कि वे इस मेले का अधिक से अधिक लाभ उठाएं, क्योंकि यह उनकी आय बढ़ाने में सहायक होगा। वहीं, मेले में किसान काफी उत्साहित नजर आए। इसकी वजह है कि यहां वह हर चीज उन्हें सीखने और देखने को मिल रही है जिसका उपयोग खेती और फसल उत्पादन में किया जाता है। किसानों का कहना है कि कृषि मेले में उन्नत किस्म की मशीनरी आई हुई हैं, जिनसे खेती करने में पैसे और समय दोनों की बचत हो सकती है। मेले में राजसखी स्वयं सहायता समूह की महिलाओं द्वारा निर्मित उत्पादों की प्रदर्शनी और बिक्री के लिए लगी स्टॉल्स पर किसानों और महिला खरीददारों की भीड़ रही। कृषि मेले का समापन समारोह सोमवार को आयोजित होगा।
सरकार द्वारा गेहूं पर पूर्व की भांति डेढ़ सौ रुपए बोनस जारी रखने की घोषणा : कैलाश मेघवाल
गेहूं खरीद पर बोनस मिलेगा या नहीं, इस बात को लेकर क्षेत्र के किसानों में संशय बना हुआ था। किसानों के इस महत्वपूर्ण मुद्दे को भाजपा प्रदेश महामंत्री कैलाश मेघवाल ने गंभीरता से लेते हुए इस संबंध में जयपुर में बीते दिवस मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा से विस्तृत चर्चा की। श्री खुशहाल दास विश्वविद्यालय में आयोजित किसान मेले में के कार्यक्रम मंच से भाजपा प्रदेश महामंत्री कैलाश मेघवाल ने उपस्थित किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा किसान हित में हमेशा प्राथमिकता से त्वरित निर्णय लेते हैं और किसान हितों को लेकर उन्होंने सरकार द्वारा गेहूं पर पूर्व की भांति डेढ़ सौ रुपए बोनस जारी रखने की घोषणा की है। इस बहुप्रतीक्षित किसान हितैषी घोषणा पर उपस्थित हजारों किसानों ने तालियां बजाकर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और कैलाश मेघवाल का अभिनंदन किया।
कचरे से रसायन निर्माण कर आय बढ़ाने के बताए गुर
रविवार को कृषि, पशुपालन एवं किसानों की आय बढ़ाने से जुड़े नवीन वैज्ञानिक नवाचारों पर केंद्रित तकनीकी सत्र आयोजित हुए। कृषक-वैज्ञानिक संवाद में कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को उन्नत तकनीकों की जानकारी दी। प्रथम सत्र में केमिकल साइंस एंड टेक्नोलॉजी, इटरनल यूनिवर्सिटी (हिमाचल प्रदेश) के पूर्व निदेशक प्रो. एम.पी.एस. चंद्रावत ने कचरे से रसायन निर्माण द्वारा किसानों की आय बढ़ाने विषय पर पत्र-वाचन किया। इस ज्ञानवर्धक महत्वपूर्ण जानकारी को किसानों ने सुना और उनसे सवाल भी किये। दूसरे सत्र में हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय, हिसार के निदेशक डॉ. ओ.पी. विश्नोई ने उन्नत गेहूं एवं जौ की किस्मों पर किसानों को जानकारी दी।
मशहूर हरियाणवी सिंगर राज मावर ने अपने सुरों का जादू बिखेरा, गानों पर झूमे किसान
कृषि मेले के दूसरे दिन श्री खुशाल दास विश्वविद्यालय स्थित मैदान में रविवार को हरियाणवी सिंगर राज मावर ने समां बांधा। उनके फेमस हरियाणवी गानों पर किसान, आमजन, विद्यार्थी झूम उठे। मावर की लोकप्रियता का अंदाजा इसी बात से लगा सकते है कि उन्हें सुनने के लिए किसान सिरसा, डबवाली, फाजिल्का, अबोहर, श्री गंगानगर से आये। हरियाणवी सिंगर राज मावर ने स्टेज पर पहुंचने के बाद जैसे ही गाना “मेरा जी लागै सै बाबयाँ मै, रै, बाबयाँ मै” गाया तो मौजूद प्रत्येक व्यक्ति झूम उठा। “हो चलो चलो ने घुमा हीरो होंडे पे, ठाके टोकनी में मटक मटक चालूंगी, यार तेरा चेतक पे चाले, मेरे देसी लुक पे न जा मेरा एटीट्यूड मार देगा, के आख्यान ते मारेगी, मैं तेरी नचाई नाचूँ सूं, मैं चिलम के सुट्टे लाया करूँ आदि देशी लुक और गांवों की संस्कृति वाले हरियाणवी गानों ने दर्शकों का खूब मनोरजन किया। हास्य कलाकार ख्याली सहारण ने अपने चिर परिचित निराले अंदाज में प्रस्तुति से समां बांध दिया। सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर हर्ष गोयल ने भी प्रस्तुतियां दी।
