











बीकानेर,कृषि क्षेत्र में आत्मनिर्भरता तथा नवाचार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से “बीज क्षेत्र में कृषि विद्यार्थियों के लिए उद्यमिता के अवसर” विषय पर दो दिवसीय प्रशिक्षण गुरुवार को एसकेआरएयू के राष्ट्रीय बीज परियोजना इकाई सभागार में प्रारंभ हुआ। प्रशिक्षण के पहले दिन विद्यार्थियों को बीज उत्पादन प्रक्रिया, मार्केटिंग विपणन स्किल्स के बारे में विभिन्न तकनीकी सत्रों में जानकारी दी गई।
प्रशिक्षण के उद्घाटन सत्र में केन्द्रीय शुष्क बागवानी संस्थान बीकानेर के निदेशक डॉ जगदीश रहाणे ने कहा कि ज्ञान को कौशल में बदलने की दिशा में विश्वविद्यालय को विद्यार्थियों के साथ मिलकर काम करना होगा। कृषि क्षेत्र में बीज उत्पादन व्यवसाय में विद्यार्थियों के लिए व्यापक संभावनाएं हैं। उन्होंने युवाओं से स्थानीय मांग के अनुरूप बीज उत्पादन की दिशा में कार्य करने का आह्वान करते हुए कहा कि विद्यार्थी रोजगार मांगने की बजाय रोजगार देने वाले बनें।
अनुसंधान निदेशक डॉ एन के शर्मा ने कहा कि बीज भविष्य का लाभ है। कृषि विद्यार्थियों को इस क्षेत्र की बारीकियां को समझना होगा। वर्तमान में देश में 550 से अधिक मल्टीनेशनल कंपनियां बीज उत्पादन तथा अनुसंधान के क्षेत्र में काम कर रही है। बीजों की मांग और आपूर्ति श्रृंखला को समझने के लिए युवा गुणवत्तापरक बीज व बदलती वैरायटी की जानकारी रखते हुए मार्केटिंग स्किल्स सीखें । तकनीक सत्र में डा संजीव लिम्बा तथा डॉ ए के यादव ने जानकारी दी।
प्रशिक्षण संयोजक डॉ ए के शर्मा ने बताया कि कृषि स्नातक, परास्नातक, पीएचडी के 40 प्रशिक्षणार्थियों को यह दो दिवसीय प्रशिक्षण दिया जा रहा है। डॉ जे के तिवारी ने धन्यवाद ज्ञापित किया।
