











बीकानेर,जयपुर। जयपुर स्थित नीरजा मोदी स्कूल में नन्ही अमायरा की दुखद मृत्यु के बाद भी संवेदनहीनता दिखाते हुए स्कूल के समर्थन में दिए गए बयान को लेकर कालीचरण सराफ की संयुक्त अभिभावक संघ कड़े शब्दों में निंदा करता है। संघ का कहना है कि बच्चों की जान से जुड़े गंभीर मामले में विधायक की प्राथमिकता पीड़ित परिवार के न्याय की बजाय स्कूल के पक्ष में खड़ा होना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और अस्वीकार्य है।
*संयुक्त अभिभावक संघ ने सवाल उठाया है कि—*
1) नन्ही अमायरा की मृत्यु पर चुप्पी साधने वाले विधायक स्कूल की मान्यता/निष्कासन के मुद्दे पर इतने मुखर क्यों हो रहे हैं?
2) क्या बच्चों की सुरक्षा और जवाबदेही से बड़ा कोई और हित है?
3) एक भाजपा विधायक आखिर कांग्रेस नेताओं के संरक्षण वाले स्कूल प्रबंधन के पक्ष में क्यों खड़े दिखाई दे रहे हैं?
4) आरबीएसई बोर्ड द्वारा दोषी स्कूल प्रशासन व जिम्मेदार शिक्षकों पर कड़ी कार्रवाई अब तक नहीं की गई है उस पर सवाल उठाने की बजाय भाजपा विधायक स्कूल के निष्कासन का विरोध कर अन्य छात्रों का अंधकार में क्यों धकेल रहे है?
संघ का स्पष्ट मत है कि सीबीएसई द्वारा की गई कार्रवाई नियमों और बच्चों की सुरक्षा के हित में है। इस पर राजनीतिक दबाव बनाना न केवल गलत परंपरा को बढ़ावा देता है, बल्कि भविष्य में ऐसे मामलों को दबाने का रास्ता भी खोलता है।
*प्रदेश प्रवक्ता अभिषेक जैन बिट्टू ने कहा -* “जब एक मासूम बच्ची की जान चली जाती है, तब संवैधानिक पद पर बैठे प्रतिनिधि का पहला कर्तव्य पीड़ित परिवार के साथ खड़ा होना और दोषियों पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करना होता है। लेकिन यहां उलटा हो रहा है—न्याय की मांग पर चुप्पी और स्कूल के निष्कासन पर जोरदार बयानबाज़ी। हम पूछते हैं—यह दोहरा मापदंड क्यों? क्या बच्चों की जान से बड़ा कोई राजनीतिक या निजी हित है?”
संयुक्त अभिभावक संघ ने भारतीय जनता पार्टी से मांग की है कि ऐसे गैर-जिम्मेदाराना और संवेदनहीन बयान देने पर कालीचरण सराफ को तत्काल पार्टी से निष्कासित किया जाए तथा नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए विधायक पद से इस्तीफा दिया जाए।
