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बीकानेर,राजस्थानी भाषा के नाम पर भाजपा केवल दिखावा कर रही है। कांग्रेस सरकार के समय स्वीकृत पदों का झूठा श्रेय लेना बंद करे और राजस्थानी को आठवीं अनुसूची में शामिल करने के लिए ठोस पहल करे, अन्यथा कांग्रेस जनआंदोलन करेगी-बिसनाराम सियाग

देहात कांग्रेस अध्यक्ष बिसनाराम सियाग ने भाजपा पर राजस्थानी भाषा के मुद्दे पर ‘घड़ियाली आंसू’ बहाने और झूठा श्रेय लेने का आरोप लगाया है। उन्होंने बीकानेर पश्चिम के विधायक जेठानन्द व्यास के उस बयान को हास्यास्पद बताया, जिसमें विधायक ने राजकीय डूंगर महाविद्यालय में राजस्थानी के तीन व्याख्याता लगाए जाने का श्रेय लिया था।

सियाग ने कहा कि ये पद कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में तत्कालीन उच्च शिक्षा मंत्री भंवर सिंह भाटी द्वारा स्वीकृत किए गए थे। उन्होंने दावा किया कि इन पदों की स्वीकृति का श्रेय मंत्री भाटी और कांग्रेस को जाता है। भाजपा विधायक का इसमें कोई योगदान नहीं था। वर्ष 2013 में कांग्रेस शासन के दौरान राजस्थानी भाषा को संवैधानिक मान्यता देने का प्रस्ताव विधानसभा में सर्वसम्मति से पारित कर केंद्र को भेजा गया था, लेकिन केंद्र की भाजपा सरकार ने उस प्रस्ताव को लंबित रखा हुआ है। उन्होंने भाजपा पर राजस्थानी भाषा के साथ पक्षपात करने का आरोप लगाया।

विधायक जेठानन्द व्यास ने चुनाव जीतने के बाद राजस्थानी में शपथ लेने की बात कही थी, लेकिन शपथ के समय उन्होंने संस्कृत में शपथ ली और अपने दो वर्ष के कार्यकाल में सदन में एक बार भी राजस्थानी भाषा के मुद्दे को नहीं उठाया। वहीं, कांग्रेसी विधायक लगातार सदन में राजस्थानी भाषा को मान्यता देने की मांग कर रहे हैं।

देहात कांग्रेस अध्यक्ष ने प्रधानमंत्री और गृहमंत्री को पत्र लिखकर राजस्थानी को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल करने तथा मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को पत्र भेजकर राजस्थानी को दूसरी राजभाषा घोषित करने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि भाजपा सरकारों ने मांगें पूरी नहीं कीं तो कांग्रेस आंदोलन करेगी।

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